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डिलीवरी के दौरान गर्भवती की मौत, अस्पताल में हंगामा
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कखनल क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस पहुंची और बमुश्किल मामला शांत कराया। महिला के परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
कनखल थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में रुक्मणी (33) पत्नी सतेंद्र निवासी भीखमपुर को मंगलवार को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। बुधवार दोपहर गर्भवती की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। अपराह्न करीब शाम चार बजे गर्भवती की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही परिवारजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवारजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
हंगामे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे परिजनों को बमुश्किल शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने गर्भवती के इलाज में लापरवाही बरती है। जिसके चलते महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से मांगे गए पूरे रुपये जमा करा दिए थे। इसके बाद भी इलाज में लापरवाही बरती गई।
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वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोप को बेबुनियाद बताया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गर्भवती के पेट में पहले ही बच्चा मर गया था। गर्भवती का हीमोग्लोबिन कम था और ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। पेट में शिशु मरा होने से इंफेक्शन का खतरा बना था। महिला को बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। कनखल थाना प्रभारी मुकेश चौहान ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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कनखल थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में रुक्मणी (33) पत्नी सतेंद्र निवासी भीखमपुर को मंगलवार को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। बुधवार दोपहर गर्भवती की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। अपराह्न करीब शाम चार बजे गर्भवती की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही परिवारजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवारजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
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हंगामे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे परिजनों को बमुश्किल शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने गर्भवती के इलाज में लापरवाही बरती है। जिसके चलते महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से मांगे गए पूरे रुपये जमा करा दिए थे। इसके बाद भी इलाज में लापरवाही बरती गई।
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वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोप को बेबुनियाद बताया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गर्भवती के पेट में पहले ही बच्चा मर गया था। गर्भवती का हीमोग्लोबिन कम था और ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। पेट में शिशु मरा होने से इंफेक्शन का खतरा बना था। महिला को बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। कनखल थाना प्रभारी मुकेश चौहान ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।