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अतिक्रमण पर चार कदम चलकर हांफा प्रशासन

Sun, 15 Jan 2017 11:09 PM IST
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:09 PM IST
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Trespassing walk four steps gasp administration
अतिक्रमण विरोधी अभियान ठिठका - फोटो : अमर उजाला

आदर्श आचार संहिता के सहारे शहर को अतिक्रमण से निजात दिलाने निकला प्रशासन चार कदम चलकर हांफ गया। प्रशासन पंचपुरी से आधा अतिक्रमण भी नहीं हटवा पाया कि अतिक्रमणकारियों ने फिर से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। वहीं पहले से जमा अतिक्रमणकारियों के हौसले अब और बुलंद हो गए हैं।  

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शहर में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। जिसके परिणाम जलभराव, जाम जैसी बड़ी समस्याओं के रूप में लगातार सामने आते रहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन समस्याओं से शहरवासियों को ही दो चार होना पड़ता है। भाजपा कांग्रेस इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन जब बात अतिक्रमण हटाने की आती है तो राजनीतिक दलों और व्यापार मंडलों के रूप में अक्सर राजनीतिज्ञ ही इसका विरोध करते हैं। अब चुनाव आचार संहिता को अच्छा मौका मानते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू की। इसके लिए पहले दिन ऋषिकुल से रानीपुर मोड़ और दूसरे दिन देवपुरा से शिव मूर्ति तक अभियान चलाया। वहीं तीसरे दिन ज्वालापुर कोतवाली से पुराना ट्रक यूनियन तक अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद अभियान अचानक ठिठक गया। अभी चार दिन हुए कि ज्वालापुर कोतवाली से लेकर रेल चौकी तक हटाया गया अतिक्रमण फिर से अपने स्थान पर आ गया है। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के आगे फिर से सामान ने जगह ले ली है और पंजाबी धर्मशाला के पास रखी ईंटें भी ज्यों की त्यों ही रखी हैं। सेक्टर टू बैरियर से भगत सिंह चौक के बीच सड़कों पर ही कारोबार किया जा रहा है। कहीं लकड़ी की टाल तो कहीं मैकेनिक व स्क्रैप कारोबारियों ने कब्जा जमाया हुुआ है। यही सूरत रोडवेज बस स्टैंड, शिवमूर्ति, ऋषिकुल तिराहा, पुराना रानीपुर मोड़, देवपुरा चौक के आसपास की है।
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पुलिस निभाए जिम्मेदारी तो बने बात
हरिद्वार। अधिकारी रोजाना अतिक्रमण की मॉनिटरिंग नहीं कर पाते और यह संभव भी नहीं है। लेकिन यदि एक बार सख्ती से अतिक्रमण हटवाने के बाद बीट पुलिसकर्मियों को इसकी जिम्मेदारी और उनकी जवाबदेही तय कर दी जाए तो समस्या जड़ से समाप्त हो सकती है। चूंकि बीट पुलिसकर्मी अपने अपने क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। कच्चा पक्का कब्जा होते ही पुुलिसकर्मियों की नजर उस पर जरूर पड़ती है, ऐसे में यदि पुलिसकर्मी तभी आला अधिकारियों को रिपोर्ट कर कार्रवाई करें तो अभियान चलाने की जरूरत ही न पड़े।
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कनखल में नहीं पड़ी नजर
कनखल में प्रशासन का ध्यान अभी तक नहीं गया। कनखल चौक बाजार में चारों तरफ अतिक्रमण के कारण बुरा हाल है। एक हिस्से में यहीं पर ऑटो स्टैंड भी बना दिया गया है जबकि सड़क के बीच में ही चारों तरफ ठेली रेहड़ी वालों का कब्जा है लेकिन प्रशासन का ध्यान इस और नहीं है।

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कब्जा हटाने की मांग
हरिद्वार। विहिप धर्म प्रसार विभाग के संयोजक चरणजीत सिंह पाहवा ने कोर्ट परिसर की बगल में सिडकुल भूमि से कब्जा हटवाने की मांग दोहराई है। पाहवा ने कहा कि इस जमीन पर धार्मिक गतिविधियां चल रही हैं। आचार संहिता में सरकार का दबाव न होने के बावजूद प्रशासन आखिर कब्जा क्यों नहीं हटवा पा रहा है। पाहवा ने कब्जा हटवाकर पुलिस थाना बनाने की मांग की है।

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