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स्वच्छ गंगा के लिए सड़कों पर उतरे योगसाधक

Wed, 09 Mar 2016 11:39 PM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Wed, 09 Mar 2016 11:39 PM IST
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Took to the streets to clean Ganga Yogsadk
yoga mahakumbh - फोटो : अमर उजाला

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हरिद्वार। अर्द्घकुंभ मेले में चल रहे योग महाकुंभ के दूसरे दिन विभिन्न देशों से आए योग साधकों ने योग की विभिन्न विधाओं के गुर सीखे। वहीं गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के लिए मार्च निकालकर लोगों को जागरूक भी किया। हरकी पैड़ी पर गंगा की स्वच्छता का संकल्प लिया।
पंतद्वीप परिसर में शुरू हुए योग  महाकुंभ कुंभ का उद़घाटन मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया था। आयोजन के दूसरे दिन पंडाल में विदेशी और देशी योग साधकों ने योग और प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्हें योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। अष्टांग योग, चाइना के ताईची योग, अयंगार योग के अलावा भारतीय लोगों के प्रचलित पद्मासन, मयूरासन, सर्वांगसन, ताड़ासन, हलासन, व्रजासन, सिंहासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार आदि का अभ्यास कराया गया। दोपहर बाद सभी योग साधकों ने गंगा की स्वच्छता के लिए परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि के नेतृत्व में मार्च निकाला। इन सभी ने हरकी पैड़ी पहुंचकर गंगा की स्वच्छता और निर्मलता का संकल्प लिया और लोगों को भी प्रेरित किया।
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इस दौरान चेतन ज्योति आश्रम के संचालक स्वामी ऋषिश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। हम सभी का दायित्व है कि गंगा को स्वच्छ रखा जाए। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी, प्रेम बाबा आदि संतों ने भी गंगा की स्वच्छता पर बल दिया।
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जीवन जीने की कला सिखाता है योग
पर्यटन विभाग, मेला प्रशासन और गढ़वाल मंडल विकास निगम के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किए जा रहे योग महाकुंभ में अहम भूमिका निभा रहे परमार्थ निकेतन के अधिष्ठाता स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि योग केवल लोगों को स्वस्थ ही नहीं रखता बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है।  योग से हम आत्मबल प्राप्त करते हैं। यह समाज सेवा से लोगों को जोड़ने का भी सशक्त माध्यम है। योग व्यस्त, मस्त और स्वस्थ जीने जीने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में ब्राजील, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, इंग्लैंड, ईरान, टर्की, स्वीटजरलैंड, न्यूजीलैंड, चीन, हांगकांग, पेरु, अर्जेंटीना आदि कई देेशों के साधक भाग ले रहे हैं।
 

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