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ज्ञानयोगी की तरह सोचें
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार।
Updated Fri, 12 May 2017 10:19 PM IST
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अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि ज्ञानयोगी की तरह सोचें, कर्मयोगी की तरह काम करें और भक्तियोगी की तरह जन-जन की सद्भावनाओं को पोषित करने का काम करें। ऐसा करने से निश्चय ही परिवार, समाज व राष्ट्र उन्नति दर उन्नति करता जाएगा।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, मेरठ, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली सहित सोलह जिलों के 600 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता भाई-बहिनों की विशेष संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि आज पूरा समाज गायत्री परिवार की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। हम सबको अपनी कर्मठता एवं सेवा भाव से उनके विश्वास पर खरा उतरना है। कहा कि गंगा अभियान, निर्मल गंगा जन अभियान, बाल संस्कार शालाएं, कन्या कौशल शिविर, युवा जागरण शिविर सहित गायत्री परिवार के विभिन्न आंदोलनों में जन भागीदारी बढ़ रही है।
डा. पंड्या ने कहा कि युवा क्रांति विस्तार वर्ष के तहत सितंबर से कश्मीर, जैसलमेर, इटानगर एवं कन्याकुमारी से चार वीडियो रथ निकाले जाएंगे। यह देशभर में भ्रमण करते हुए युवा वर्ग में राष्ट्रीयता के प्रति प्रेम भाव जगाने एवं उन्हें कुरीति उन्मूलन की दिशा में सार्थक पहल करने के लिए प्रेरित करेंगे। रथ जनवरी के अंत में नागपुर पहुंचेंगे, जहां देश भर से पहुंचे युवाओं को रचनात्मक कार्य करने के लिए संकल्प कराए जाएंगे। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डा. बृजमोहन गौड़ ने समयदान के युगधर्म पर प्रकाश डाला।
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प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि विचारवानों के लिए यह समय सौभाग्य के उदय का है। शांतिकुंज के व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने समय की मांग को देखते हुए रचनात्मक कार्यक्रमों को गति देने पर जोर दिया।
शिक्षक गरिमा शिविर का समापन
शांतिकुंज में आयोजित ओडिशा प्रांत के शिक्षकों की शिक्षक गरिमा शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मौके पर वरिष्ठ कार्यकर्त्ता पं. शिवप्रसाद मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों के नवनिर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक अपने अच्छे आचरणों से विद्यार्थियों को सीख देंगे तो निश्चय ही विद्यार्थी श्रेष्ठ व सभ्य नागरिक बनकर समाज को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। डा. पीडी गुप्ता ने कहा कि विद्यालयों में सहकारिता एवं सद्भाव का वातावरण निर्मित करने के लिए शिक्षकों को सार्थक पहल करनी चाहिए। सुंदरगढ़, अनगुल, कटक आदि जनपदों से आए शिक्षकों ने शिविर की सार्थकता पर अनुभव बांटे। शिविर में वीरेश्वर उपाध्याय, कालीचरण शर्मा, डा. गायत्री शर्मा, प्रदीप दीक्षित, अतुल द्विवेदी आदि ने विभिन्न विषयों पर संबोधित किया।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, मेरठ, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली सहित सोलह जिलों के 600 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता भाई-बहिनों की विशेष संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि आज पूरा समाज गायत्री परिवार की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। हम सबको अपनी कर्मठता एवं सेवा भाव से उनके विश्वास पर खरा उतरना है। कहा कि गंगा अभियान, निर्मल गंगा जन अभियान, बाल संस्कार शालाएं, कन्या कौशल शिविर, युवा जागरण शिविर सहित गायत्री परिवार के विभिन्न आंदोलनों में जन भागीदारी बढ़ रही है।
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डा. पंड्या ने कहा कि युवा क्रांति विस्तार वर्ष के तहत सितंबर से कश्मीर, जैसलमेर, इटानगर एवं कन्याकुमारी से चार वीडियो रथ निकाले जाएंगे। यह देशभर में भ्रमण करते हुए युवा वर्ग में राष्ट्रीयता के प्रति प्रेम भाव जगाने एवं उन्हें कुरीति उन्मूलन की दिशा में सार्थक पहल करने के लिए प्रेरित करेंगे। रथ जनवरी के अंत में नागपुर पहुंचेंगे, जहां देश भर से पहुंचे युवाओं को रचनात्मक कार्य करने के लिए संकल्प कराए जाएंगे। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डा. बृजमोहन गौड़ ने समयदान के युगधर्म पर प्रकाश डाला।
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प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि विचारवानों के लिए यह समय सौभाग्य के उदय का है। शांतिकुंज के व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने समय की मांग को देखते हुए रचनात्मक कार्यक्रमों को गति देने पर जोर दिया।
शिक्षक गरिमा शिविर का समापन
शांतिकुंज में आयोजित ओडिशा प्रांत के शिक्षकों की शिक्षक गरिमा शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मौके पर वरिष्ठ कार्यकर्त्ता पं. शिवप्रसाद मिश्र ने कहा कि विद्यार्थियों के नवनिर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक अपने अच्छे आचरणों से विद्यार्थियों को सीख देंगे तो निश्चय ही विद्यार्थी श्रेष्ठ व सभ्य नागरिक बनकर समाज को ऊंचा उठाने में सहयोग करेंगे। डा. पीडी गुप्ता ने कहा कि विद्यालयों में सहकारिता एवं सद्भाव का वातावरण निर्मित करने के लिए शिक्षकों को सार्थक पहल करनी चाहिए। सुंदरगढ़, अनगुल, कटक आदि जनपदों से आए शिक्षकों ने शिविर की सार्थकता पर अनुभव बांटे। शिविर में वीरेश्वर उपाध्याय, कालीचरण शर्मा, डा. गायत्री शर्मा, प्रदीप दीक्षित, अतुल द्विवेदी आदि ने विभिन्न विषयों पर संबोधित किया।