{"_id":"65c7d56b9f111c73a3062ae5","slug":"there-has-been-a-demand-to-develop-a-separate-vending-zone-haridwar-news-c-5-1-drn1031-347272-2024-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: पुरुषों के लिए भी विकसित किया जाए वेंडिंग जोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: पुरुषों के लिए भी विकसित किया जाए वेंडिंग जोन
विज्ञापन
Iवेंडिंग जोन के लाभ से वंचित लघु व्यापारियों ने मुख्य नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापनI
पिंक वेंडिंग जोन की तर्ज पर पुरुषों के लिए भी अलग वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग उठी है। योजना के लाभ से वंचित रेहड़ी-ठेली लगाने वाले व्यापारियों ने मुख्य नगर आयुक्त से उनके आवास पर मिलकर समस्या रखी और इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
वेंडिंग जोन में पात्रता के बावजूद लाभ नहीं मिलने की शिकायत करने के साथ ही व्यापारियों ने अब तक हुए आवंटन की जांच और आगे पारदर्शिता के साथ खोखे आवंटित करने की भी मांग की। मां भागीरथी रेहड़ी पटरी खोखा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मंजुल तोमर ने 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि रोड़ीबेलवाला में 650 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इसमें महज 100 खोखा ही आवंटित किया गया। इसमें भी तमाम बिचौलियों ने नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर अपात्रों को खोखे आवंटित करा दिए। उनका कहना था कि पूर्व में आवंटित किए गए खोखे में पात्रों को सूचीबद्ध किया गया, लेकिन उन्हें खोखे नहीं दिए गए।
वहीं, पुरुष 50 साल से रेहड़ी पटरी लगाकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं। उनको अभी तक वेंडिंग जोन का लाभ नहीं मिल सका। 79 महिलाओं की लिस्ट नगर निगम में दिए एक साल हो चुका है, लेकिन उनको भी लाभ नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
इस दौरान जिला अध्यक्ष दीपू मेहरा, शहर अध्यक्ष रजत भारद्वाज, रोडीबेलवाला अध्यक्ष आशीष गुप्ता, सुषमा आले, निशा सिंह, काकुली मंडल, बेबी गिरी, विमलेश रस्तोगी, रामनाथ बिश्नोई, चंद्र प्रकाश टूटी, रानी देवी, सर्वेश कुमार, कमलेश, शंकर प्रसाद आदि शामिल रहे।
Iमिलीभगत से स्ट्रीट वेंटरों का हो रहा शोषण : विमलI
टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य विमल वार्षणेय ने कहा कि कमेटी में कई सदस्यों की मिलीभगत के कारण असली स्ट्रीट वेंडर का शोषण हो रहा है। आरोप लगाया कि कुछ सदस्यों की मनमानी के चलते गलत तरीके से वेंडिंग जोन को पास किया जा रहा है। इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने 6 साल से टीवीसी का गठन नहीं किए जाने को भी चिंता का विषय बताया।
विज्ञापन
पिंक वेंडिंग जोन की तर्ज पर पुरुषों के लिए भी अलग वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग उठी है। योजना के लाभ से वंचित रेहड़ी-ठेली लगाने वाले व्यापारियों ने मुख्य नगर आयुक्त से उनके आवास पर मिलकर समस्या रखी और इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
वेंडिंग जोन में पात्रता के बावजूद लाभ नहीं मिलने की शिकायत करने के साथ ही व्यापारियों ने अब तक हुए आवंटन की जांच और आगे पारदर्शिता के साथ खोखे आवंटित करने की भी मांग की। मां भागीरथी रेहड़ी पटरी खोखा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष मंजुल तोमर ने 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि रोड़ीबेलवाला में 650 वेंडरों को चिह्नित किया गया था। इसमें महज 100 खोखा ही आवंटित किया गया। इसमें भी तमाम बिचौलियों ने नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर अपात्रों को खोखे आवंटित करा दिए। उनका कहना था कि पूर्व में आवंटित किए गए खोखे में पात्रों को सूचीबद्ध किया गया, लेकिन उन्हें खोखे नहीं दिए गए।
विज्ञापन
वहीं, पुरुष 50 साल से रेहड़ी पटरी लगाकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं। उनको अभी तक वेंडिंग जोन का लाभ नहीं मिल सका। 79 महिलाओं की लिस्ट नगर निगम में दिए एक साल हो चुका है, लेकिन उनको भी लाभ नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
इस दौरान जिला अध्यक्ष दीपू मेहरा, शहर अध्यक्ष रजत भारद्वाज, रोडीबेलवाला अध्यक्ष आशीष गुप्ता, सुषमा आले, निशा सिंह, काकुली मंडल, बेबी गिरी, विमलेश रस्तोगी, रामनाथ बिश्नोई, चंद्र प्रकाश टूटी, रानी देवी, सर्वेश कुमार, कमलेश, शंकर प्रसाद आदि शामिल रहे।
Iमिलीभगत से स्ट्रीट वेंटरों का हो रहा शोषण : विमलI
टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य विमल वार्षणेय ने कहा कि कमेटी में कई सदस्यों की मिलीभगत के कारण असली स्ट्रीट वेंडर का शोषण हो रहा है। आरोप लगाया कि कुछ सदस्यों की मनमानी के चलते गलत तरीके से वेंडिंग जोन को पास किया जा रहा है। इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने 6 साल से टीवीसी का गठन नहीं किए जाने को भी चिंता का विषय बताया।