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आरक्षण विरोधी बयान पर विरोध
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 21 Jan 2017 10:36 PM IST
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भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस के पदाधिकारियों ने आरक्षण विरोधी बयान दिए जाने पर जटवाड़ा पुल पर संघ के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदेश अध्यक्ष हंसराज कटारिया ने कहा कि संविधान के तहत दलित, पिछड़ों शोषित वर्गों के लिए पूना पैक्ट के तहत आरक्षण की व्यवस्था की गई ताकि इन वर्गों के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर उनका विकास हो सकेे। आरक्षण किसी राजनैतिक पार्टी या संघ द्वारा दी गई कोई खैरात नहीं है। जिसे कोई भी खत्म कर दे। यह बाबा साहब की दलितों को दी गई सौगात है। बिहार राज्य में चुनाव से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण विरोधी बयान का खामियाजा भाजपा को हार से चुकाना पड़ा था। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों के बयान की निंदा की और इस पर माफी मांगने को कहा। इस मौके पर वीकेश कुमार, प्रिंस लोहट, राजकुमार खौबे, सुनील कांगड़ा, निर्देेश चंचल, कुशमपाल, शन्नी चुटेला, शेखर बोहत, नितिश बोहत, विनोद बोहत, रामभरोसे, रोहित बहोत, आदर्श, सौरभ बहोत, अशोक राजौर, अनिकेत, विकास, प्रभात लोहट, आदित्य कक्कर, अंकित, आशीष आदि शामिल हुए।
वहीं दूसरी ओर भगवान श्री अंबेडकर संस्थान के पदाधिकारियों ने भूपतवाला कार्यालय पर बैठक करते हुए आरक्षण विरोधी बयान का विरोध किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार गौतम ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी करके आरक्षण समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में दलितों ने भाजपा को सपोर्ट किया था। इसके बावजूद भी आरएसएस के पदाधिकारी आरक्षण विरोधी बयान दे रहे है, जोकि निदंनीय है। उन्होंने कहा कि आरक्षण दलितों का अधिकार है। जिसे छीनने नहीं देंगे। इस मौके पर राजू, मनमोहन, प्रदीप, सौरभ, रवि, रजत, मुकेश, राजेंद्र, यासीर, अनमोल, शैलेंद्र, प्रवीन, योगेंद्र, मनमीत, वीरेंद्र, लक्की, सुनील, रजनीश, अरविंद आदि शामिल हुए।
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प्रदेश अध्यक्ष हंसराज कटारिया ने कहा कि संविधान के तहत दलित, पिछड़ों शोषित वर्गों के लिए पूना पैक्ट के तहत आरक्षण की व्यवस्था की गई ताकि इन वर्गों के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर उनका विकास हो सकेे। आरक्षण किसी राजनैतिक पार्टी या संघ द्वारा दी गई कोई खैरात नहीं है। जिसे कोई भी खत्म कर दे। यह बाबा साहब की दलितों को दी गई सौगात है। बिहार राज्य में चुनाव से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण विरोधी बयान का खामियाजा भाजपा को हार से चुकाना पड़ा था। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों के बयान की निंदा की और इस पर माफी मांगने को कहा। इस मौके पर वीकेश कुमार, प्रिंस लोहट, राजकुमार खौबे, सुनील कांगड़ा, निर्देेश चंचल, कुशमपाल, शन्नी चुटेला, शेखर बोहत, नितिश बोहत, विनोद बोहत, रामभरोसे, रोहित बहोत, आदर्श, सौरभ बहोत, अशोक राजौर, अनिकेत, विकास, प्रभात लोहट, आदित्य कक्कर, अंकित, आशीष आदि शामिल हुए।
वहीं दूसरी ओर भगवान श्री अंबेडकर संस्थान के पदाधिकारियों ने भूपतवाला कार्यालय पर बैठक करते हुए आरक्षण विरोधी बयान का विरोध किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार गौतम ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी करके आरक्षण समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में दलितों ने भाजपा को सपोर्ट किया था। इसके बावजूद भी आरएसएस के पदाधिकारी आरक्षण विरोधी बयान दे रहे है, जोकि निदंनीय है। उन्होंने कहा कि आरक्षण दलितों का अधिकार है। जिसे छीनने नहीं देंगे। इस मौके पर राजू, मनमोहन, प्रदीप, सौरभ, रवि, रजत, मुकेश, राजेंद्र, यासीर, अनमोल, शैलेंद्र, प्रवीन, योगेंद्र, मनमीत, वीरेंद्र, लक्की, सुनील, रजनीश, अरविंद आदि शामिल हुए।
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