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हंगामे की भेंट चढ़े करोड़ों के प्रस्ताव

Mon, 11 Jul 2016 11:38 PM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Mon, 11 Jul 2016 11:38 PM IST
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The proposal presented to the uproar took millions
हंगामे की भेंट चढ़ी बोर्ड बैठक - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। नगर निगम की बोर्ड बैठक जबरदस्त हंगामे के चलते पहले साढ़े तीन घंटे और फिर बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होते ही हरकी पैड़ी के फोटोग्राफर ठेके देने के विरोध में नारेबाजी करते हुए सभागार में घुस गए। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारी और फिर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हल्ला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों की मेयर व नगर आयुक्त के अलावा पार्षदों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। वहीं सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। शहर के विकास से जुड़े 100 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव हंगामे की भेंट चढ़ गए।

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नगर निगम में सोमवार को 23 सूत्री एजेंडे पर बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। करीब 11 बजे मेयर मनोज गर्ग, नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी सहित अधिकांश पार्षद सभागार पहुंच गए। बैठक की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही नामित पार्षद रमेश चंद्र छाछर ने बैठक की सूचना नहीं देने पर नाराजगी जताई। नगर आयुक्त से संबंधित लिपिक के निलंबन की मांग भी की। इसी बीच बाहर मौजूद सैकड़ों फोटोग्राफर नारेबाजी करते हुए अंदर आ घुसे। फोटोग्राफर हरकी पैड़ी पर फोटोग्राफी का ठेका देने का विरोध कर रहे थे। फोटोग्राफरों का हंगामा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मुरली मनोहर की अगुवाई में वेतन और मेला भत्ते के भुगतान की मांग लेकर बड़ी संख्या में नगर निगम कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सभागार में पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है और अधिकारी अपने लिए गाड़ियां खरीद रहे हैं। मेयर मनोज गर्ग और नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी उन्हें समझाने का प्रयास कर ही रहे थे कि रिटायर्ड कर्मचारी जोरदार नारेबाजी और मेज थपथपाते हुए सदन में आ गए।
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करीब पौन घंटा ऐसे ही गुजरने पर बमुश्किल समझा बुझाकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और एजेंडे पर चर्चा कर समाधान निकालने के लिए आधे घंटे का समय मांगा गया। इसके बाद भी कर्मचारियों का आना जाना लगा रहा। आधे घंटे बाद ठीक 12:15 बजे फोटोग्राफर फिर नारेबाजी करते हुए सदन में दाखिल हो गए। डेढ़ घंटे लगातार हंगामा होने पर बैठक शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं शाम चार बजे केवल विपक्षी पार्षद सभागार पहुंचे।
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काफी इंतजार करने के बाद जब पता किया गया तो पता चला कि बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। शाम छह बजे पार्षदों को फिर सूचना दी गई कि बैठक अब बुधवार को होगी। मेयर मनोज गर्ग ने बैठक स्थगित करने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया और हंगामे को कांग्रेस की साजिश करार दिया।

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