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कैदियों ने शुरू की भूख हड़ताल

Mon, 05 Sep 2016 11:54 PM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Mon, 05 Sep 2016 11:54 PM IST
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हरिद्वार्र। 14 साल की सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर जिला जेल में बंद 84 कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को इन कैदियों ने खाना नहीं खाया। जेल अधीक्षक ने पूरे मामले की रिपोर्ट आईजी जेल पीवीके प्रसाद को भेज दी है।

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यूपी के आगरा, बरेली जेलों में पिछले कई दिन से कैदी भूख हड़ताल पर है। उनकी मांग है कि, चौदह साल की सजा पूरी करने पर उनकी रिहाई कर दी जाए। यूपी की ही तर्ज पर हरिद्वार की जिला जेल में रविवार को एक गुमनाम पत्र जेलर शिवमूरत सिंह को मिला था। रिहाई न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। रविवार को सभी कैदियों ने खाना खाया था। सोमवार को जेल के खुलते ही भूख हड़ताल के प्रार्थना पत्र आने लग गए थे। दिनभर प्रार्थना पत्र आने का दौर चलता रहा। दोपहर के खाने से पहले कुल 90 पत्र जेल अधीक्षक एसके सुखीजा को मिले। जिनमें से छह कैदियों ने कुछ ही देर में अपने पत्र वापस लेकर भूख हड़ताल से किनारा कर लिया, लेकिन 84 कैदियों ने दोपहर का खाना नहीं खाया। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कैदियों से बातचीत भी की लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार नोटिस दे दिए गए हैं। आईजी जेल को एक रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्हीं के ही माध्यम से शासन को रिपोर्ट जाएगी।
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मुलाकात पर लगाई रोक
हरिद्वार। भूख हड़ताल में शामिल कैदियों की अब अपने नाते रिश्तेदारों से मुलाकात नहीं हो पाएगी। रोजाना उनका मेडिकल परीक्षण भी होगा। यदि किसी कैदी की तबियत खराब होती है तब उसे जेल के ही अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।
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नहीं कर सकते भूख हड़ताल
हरिद्वार। जेल मैनुअल की धारा 52 के अनुसार कोई कैदी भूख हड़ताल नहीं कर सकता है। यदि वह ऐसा करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। इस धारा के अंतर्गत एक साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत भी मुकदमा हो सकता है।
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कुछ हुए तो कुछ ने किया किनारा
हरिद्वार। जेल में इस समय चौदह साल की सजा पूरी कर चुके कैदियों की संख्या 57 है। भूख हड़ताल में सजा पूरी कर चुके कुछ कैदी शामिल नहीं हुए। बल्कि कुछ कैदी ऐसे है जो कुछ ही वर्ष की सजा पूरी कर सकें हैं।
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एक साथ रहेंगे हड़ताली कैदी
हरिद्वार। भूख हड़ताल में शामिल कैदियों को एक साथ रखा गया है। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने बताया कि कैदियों से भूख हड़ताल तोड़ने के लिए बातचीत कर रहे हैं। जेल अधीक्षक के मुताबिक हड़तालियों में कोई खूंखार कैदी शामिल नहीं है।


जेल के इतिहास में अब भूख हड़ताल भी दर्ज
हरिद्वार। वर्ष 1999 में वजूद में आई जिला जेल के इतिहास में भूख हड़ताल का पन्ना भी दर्ज हो गया। अब तक इतनी बड़ी संख्या में कैदी भूख हड़ताल पर नहीं गए है। हां, मातृ सदन के संत जब जब जेल गए तब वे भले ही भूख हड़ताल पर रहे है। लेकिन कैदियों ने कभी भूख हड़ताल पर जाने का साहस नहीं जुटाया था।

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