{"_id":"57bc997d4f1c1b8f29d4ee50","slug":"the-law-against-selling-beef","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोमांस बिक्री के खिलाफ बने कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोमांस बिक्री के खिलाफ बने कानून
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा गोमांस का निर्यात बंद होना चाहिए। भारत से गोमांस का निर्यात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मानसिकता पर सवाल खड़े करता है।
मंगलवार को कनखल स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने कहा कि गोहत्या कानून बनाने वाली प्रदेश सरकारों को चाहिए कि वह गोमांस बिक्री के खिलाफ भी कानून बनाएं। उन्होंने कहा कि गोमाता सिर्फ हिंदुओं की ही माता नहीं है। गोमाता के दूध से जितना प्रोटीन हिंदुओं को मिलता है, उतना की प्रोटीन मुसलमानों को भी मिलता है।
शंकराचार्य ने कहा कि आज पूरे विश्व में मुसलमानों को संदेह के नजरों से देखा जा रहा है। चीन और जापान में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है। आईएसआईएस जैसे संगठन आतंक का सहारा लेकर पूरे विश्व में कट्टरता फैलाने का काम कर रहा है। भारत में पकड़े गए कुछ लोग मुसलमान हैं, ऐसे में मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने ऊपर उठने वाली संदेह की नजरों से मुक्त होने के लिए आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकियों को खुद ही पकड़वाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को कनखल स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने कहा कि गोहत्या कानून बनाने वाली प्रदेश सरकारों को चाहिए कि वह गोमांस बिक्री के खिलाफ भी कानून बनाएं। उन्होंने कहा कि गोमाता सिर्फ हिंदुओं की ही माता नहीं है। गोमाता के दूध से जितना प्रोटीन हिंदुओं को मिलता है, उतना की प्रोटीन मुसलमानों को भी मिलता है।
विज्ञापन
शंकराचार्य ने कहा कि आज पूरे विश्व में मुसलमानों को संदेह के नजरों से देखा जा रहा है। चीन और जापान में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है। आईएसआईएस जैसे संगठन आतंक का सहारा लेकर पूरे विश्व में कट्टरता फैलाने का काम कर रहा है। भारत में पकड़े गए कुछ लोग मुसलमान हैं, ऐसे में मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने ऊपर उठने वाली संदेह की नजरों से मुक्त होने के लिए आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकियों को खुद ही पकड़वाएं।
विज्ञापन