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मातृसदन ने फिर बोला सीएम पर हमला

Sat, 10 Dec 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Sat, 10 Dec 2016 10:34 PM IST
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आदेश जारी होने और अनशन खत्म करने के बाद भी मातृसदन मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हमलावर है। खनन माफिया से संबंधों को लेकर खुला चैलेंज देने के बाद शनिवार को स्वामी शिवानंद ने 48 बिंदु मीडिया को उपलब्ध कराए। जिनके हवाले से दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार खनन समर्थकों को संरक्षण देते आ रहे हैं। स्वामी शिवानंद ने चैलेंज दोहराते हुए कहा कि सीएम या तो प्रमाण लें या फिर राजनीति छोड़ें।

सात दिसंबर को मुख्यमंत्री ने मीडिया को बयान देते हुए दावा किया था कि उनके कार्यकाल में एक भी खनन पट्टा जारी नहीं हुआ। किसी खनन माफिया की उन्होंने चाय तक नहीं पी। यदि कोई इस बात को साबित कर दे तो वह राजनीति छोड़ देेंगे। सीएम के इस बयान के बाद मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने चैलेंज करते हुए दावा किया था कि उनके पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं। बशर्ते मुख्यमंत्री चैलेंज स्वीकार कर राजनीति छोड़ने को तैयार रहें। शनिवार को मातृसदन में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद ने मीडिया कर्मियों को कुल 48 बिंदु उपलब्ध कराए। साथ ही एक फोटो भी दिखाया। स्वामी शिवानंद ने कहा कि इन सभी बिंदुओं के ऑडियो, वीडियो सहित तमाम प्रमाण मौजूद हैं। मुख्यमंत्री को अपने बयान पर कायम रहना चाहिए और चैलेंज स्वीकार कर प्रमाण लेना चाहिए और प्रमाण मिलते ही राजनीति त्याग देनी चाहिए। यदि सीएम ऐसा नहीं करते हैं तो राज्य के मुखिया के बयान की कोई गरिमा नहीं रह जाती है।
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 मीटिंग का फोटो किया जारी
पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद ने मीडिया कर्मियों को एक फोटो भी दिखाया। जिसमें हरिद्वार में खनन व क्रशिंग कार्य से जुड़े कुछ लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं। इनमें एक शख्स के हाथ में मिठाई का डिब्बा भी है। स्वामी शिवानंद का कहना है कि सीएम चाय न पीने का दावा करते हैं, पर फोटो में मिठाई भी नजर आ रही है। स्वामी शिवानंद ने बताया यह फोटो मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजी थी कि इस फोटो की प्रमाणिकता को लेकर जवाब दें। एक सप्ताह में जवाब न मिलने पर फोटो खुद ही प्रमाणिक मान लिया जाएगा। इसके बाद सीएम की ओर से कोई जवाब नहीं मिला और फोटो खुद ही प्रमाणित हो जाता है।
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