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शहर में डेंगू शॉक सिंड्रोम का मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:27 AM IST
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हरिद्वार। भरी ठंड में कनखल स्थिति संजीवनी अस्पताल में भर्ती मरीज में डेंगू पाए जाने से हड़कंप की स्थिति है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। डेंगू की सबसे खतरनाक कैटेगिरी शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) से पीड़ित महिला को ब्लड चढ़ाया जा रहा है।
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निर्मल विरक्त कुटिया कनखल के पास रहने वाली 19 वर्षीय युवती गगनदीप को बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में इनमें डेंगू की पुष्टि हुई। जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो फिर इनकी जांच की गई तो गगनदीप में शॉक सिंड्रोम के लक्षण पाए गए। जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अस्पताल से जानकारी जुटाई जाएगी।
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डेंगू के प्रकार
डेंगू तीन प्रकार का होता है। क्लासिकल, हैमरेजिक फीवर और शॉक सिंड्रोम। इनमें सबसे खतरनाक शॉक सिंड्रोम होता है।
किसके क्या लक्षण
>> क्लासिकल डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। इसमें मरीज को बदन दर्द, कमर दर्द, जुकाम होता है। इसमें ब्लड या प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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>> हैमरेजिक फीवर (डीएचई) डेंगू खतरनाक होता है। इसमें प्लेटलेट्स कम हो जाती है और शरीर के अंदर ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। इसमें शरीर पर चकते पड़ने लगते हैं।
>> शॉक सिंड्रोम डेंगू की सबसे खतरनाक कैटेगिरी में आता है। इसमें व्यक्ति बेहोश हो जाता है। शरीर का पानी शरीर के खाली स्थानों पर चला जाता है। जैसे फेफड़ों के अंदर, पेट या अन्य खाली नलियों में चला जाता है। इससे शरीर में सूजन आ जाती है। इसमें ब्लड प्रेशर गिरता जाता है।
न लें कोई दवा
डॉ. एसएन खान ने बताया कि किसी भी तरह के डेंगू होने पर बिना डाक्टर की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए। कई बार शरीर में दर्द की शिकायत पर मरीज स्परीन, ब्रूफेन, पिडानीयोन, बेटनीसोल आदि ले लेते हैं। लेकिन इससे मरीज की प्लेटलेट्स अधिक गिरती है और ब्लड प्रेशर भी नीचे आ जाता है।