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अमेरिका में चमकी हरिद्वार की प्रतिभा

Tue, 29 Nov 2016 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Tue, 29 Nov 2016 10:10 PM IST
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शहर के एक युवा ने फिल्म की दुनिया में अमेरिका में हरिद्वार और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। फिल्म मेकिंग के क्षेत्र में मुुंबई को अपना ठिकाना बना चुके अनमोल अरोड़ा की शॉर्ट फिल्म ‘बी फॉर बैलून‘ को मियामी इंडीपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल में वर्ष 2016 की बेस्ट शॉर्ट फिल्म के लिए चुना गया है। हरिद्वार पहुंचने पर शहर के युवाओं ने अनमोल का फूल मालाओं से स्वागत किया।

शंकर आश्रम के पास एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अनमोल अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने मॉस कम्यूनिकेशन का कोर्स करने के बाद वर्ष 2009 में मुंबई जाकर फिल्म मेकिंग का कोर्स भी किया। इसके बाद रानी मुखर्जी के भाई राजा मुखर्जी और राम गोपाल वर्मा के असिस्टेंट के रूप में काफी कुछ सीखा। अनमोल की दोस्त मानसी सेन गुप्ता ने फिल्म को प्रोडयूस किया है। बालक भिखारी की भूमिका बाल कलाकार तिरुपति ने निभाई। फिल्म में नरेश कुमार धोबी के किरदार में नजर आए हैं।
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जगजीतपुर राजा गार्डन निवासी अनमोल का जन्म और अधिकतर पढ़ाई हरिद्वार में हुई है। अनमोल जब एक साल के थे जब उनके पिता का देहांत हो गया था। धनपुरा के जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका उनकी मां सुशीला शर्मा ने हमेशा अनमोल को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हरिद्वार पहुंचने पर सुभाष मौर्य, साजन चौधरी, विनीत वालिया, उत्कर्ष वालिया, शुभम सैनी, उज्जवल वालिया, दिपांकर, अजय चौहान, हिमांशु शर्मा आदि ने अनमोल का स्वागत किया।
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बी फॉर बैलून की ये है कहानी
अनमोल ने बताया कि यह 10 साल के ऐसे बालक के जीवन पर आधारित है, जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता। वह भीख मांगकर पेट भरता है और फुटपाथ पर सो जाता है। एक दिन वह खिलौनों की दुकान पर फुटबॉल लेने पहुंचता है, पैसे न होने के कारण दुकानदार उसे भगा देता है। अचानक उसे एक गुब्बारा पड़ा मिलता है, वह उसे फुलाकर बेचता है तो पांच रुपये हाथ में आते हैं। एक धोबी उसे भीख मांगने के बजाय मेहनत के लिए प्रेरित करता है तो वह खूब पैसे इकट्ठे कर फिर से फुटबॉल लेने पहुंचता है। जेब में काफी पैसे देखकर उसे अहसास होता है कि भीख मांगने के बजाय मेहनत कर पैसे जुटाए जा सकते हैं। इसके बाद वह फुटबॉल लिए बिना उन पैसों से आगे तरक्की की सीढ़ियां चढ़ता है।
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