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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Teachers demanded answers from the Department of forgery

शिक्षकों के फर्जीवाड़े में विभाग से मांगा जवाब

Fri, 09 Dec 2016 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Fri, 09 Dec 2016 10:28 PM IST
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शिक्षकों के फर्जीवाड़े में शासन ने शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। शासन ने बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई और रिकवरी के बारे में जानकारी मांगी है। डीईओ बेसिक ने एक बार फिर डिप्टी बीईओ को रिकवरी में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं एसएसपी से मिलकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग भी दोहराई।

जनपद में अक्तूबर माह में प्राइमरी शिक्षकों के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। विभाग की ओर से कराई गई जांच में 12 शिक्षकों की बीटीसी की मार्कशीट व डोमीसाइल फर्जी पाए गए थे। जिसके आधार पर 12 शिक्षकों को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया था। उनके वेतन भत्तों की रिकवरी के आदेश डिप्टी बीईओ को दिए गए थे। साथ ही फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी गई थी। एक महीने से ज्यादा समय बीतने पर अब तक  न र्खास्त शिक्षकों से रिकवरी नहीं हो पाई और पुलिस भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कर पाई।
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इस पूरे प्रकरण  पर कार्रवाई की प्रगति को लेकर अब शासन ने विभाग से जवाब मांगा है। डीईओ बेसिक दिनेश चंद्र डिमरी ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि डिप्टी बीईओ से रिकवरी में तेजी लाने को कहा गया है। मुकदमा दर्ज कराने को लेकर एसएसपी और एसपी सिटी से भी मुलाकात की गई है। अभी तक की कार्रवाई को लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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खंड दफ्तरों की सुस्ती संदेह के घेरे में
शिक्षकों की रिकवरी से लेकर निलंबित शिक्षकों की जांच तक की पूरी कार्रवाई ब्लॉक स्तर पर होनी है। बहादराबाद, लक्सर और खानपुर के बीईओ और डिप्टी बीईओ को बार- बार नर्देश दिए जा रहे हैं। तत्कालीन डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा ने तीनों डिप्टी बीईओ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इसके बावजूद कुछ निलंबित शिक्षकों के दस्तावेज जरूर उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन रिकवरी को लेकर अभी भी सुस्ती बरती जा रही है।

फर्जीवाड़े की फाइलों पर कुंडली मारे है पुलिस
फर्जीवाड़े में बर्खास्त शिक्षकों पर एफआईआर की फाइलों पर पुलिस कुंडली मारकर बैठ गई है। हाल ये है कि शिक्षा विभाग की तहरीर पर एक महीना बाद भी एफआईआर नहीं हुई। जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डालकर दागी शिक्षकों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाया जा रहा है।
जनपद में शिक्षकों के फर्जीवाड़े का खुलासा जल्द ही नहीं हो गया। इसके लिए विभाग ने संदिग्ध शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जांच के लिए इलाहाबाद भेजा था। जांच में फर्जी होने की पुष्टि के बाद उन्हें बर्खास्त कर एसएसपी को कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई। इसके बावजूद पुलिस जांच का बहाना बना रही है। गौर करने वाली बात ये है कि जब प्रमाणपत्रों को लेकर इलाहाबाद से संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट तहरीर के साथ पुलिस को सौंपी गई है, तो पुलिस की जांच का कोई औचित्य ही नहीं बैठता। पुलिस को तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी है।


तत्कालीन डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा दो बार और मौजूदा डीईओ बेसिक दिनेश चंद्र डिमरी तीन बार पुलिस अधिकारियों से मिल चुके है, बावजूद इसके पुलिस मुकदमा दर्ज करने को तैयार नहीं है। अब विभाग शासन को पूरी रिपोर्ट भेज रहा है। सूत्र बताते हैं कि शासन के अधिकारी हरिद्वार पुलिस की सुस्ती पर डीजीपी को शिकायत करने की तैयारी में है।
 
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