शुक्रवार की दोपहर हरकी पैड़ी का ब्रह्मकुंड तट हर-हर महादेव और जय गंगे के जयकारों से गूंज उठा। महंतों और पुरोहितों ने दोनों हाथ उठाकर मां गंगा के प्रति समर्पण का व्रत लिया। चारधाम यात्रा पर जाने वाली पवित्र छड़ी यात्रा का विधि विधान के साथ पूजन किया गया। पुरोहितों ने संतों से गंगा मैया की पूजा भी संपन्न कराई।
शुक्रवार को सभी 13 अखाड़ों के अखाड़ा परिषद प्रतिनिधि चारधाम यात्रा पर जाने वाली पवित्र छड़ी लेकर हरकी पैड़ी पहुंचे। गंगा सभा के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों ने संत समाज और पवित्र छड़ी का स्वागत किया। गंगा के आरती घाट पर छड़ी को विधिवत स्नान कराकर पूजा गया। इस मौके पर समस्त संतों ने गंगा पूजन में भाग लिया। गंगा और छड़ी पूजा गंगा सभा के विद्वान पंडित अमित शास्त्री के नेतृत्व में विद्वानों ने संपन्न कराई। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि, रविंद्र पुरी, राजेंद्र दास, धर्मदास आदि अनेक संत उपस्थित थे। गंगा सभा की ओर से सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, उपसभापति वीरेंद्र कीर्ति पाल, अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, वीरेंद्र कौशिक तथा कार्यकारिणी के सदस्यों ने पूजन में भाग लिया। संतों ने गंगा के मध्य जाकर पवित्र छड़ी को स्नान कराया। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच गंगा मैया का जयघोष बार-बार किया गया। पुरोहितों ने अखाड़ा परिषद सदस्यों को हरकी पैड़ी के अतिथि कक्ष में ले जाकर सम्मानित किया। यहां से पवित्र छड़ी भीमगोड़ा स्थित जयराम आश्रम लाई गई। जयराम आश्रम में भी ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने संत भोज का आयोजन किया था। सायंकाल चारधाम छड़ी कनखल के दक्ष मंदिर में लाई गई। यहां सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर भगवान भोलनाथ की आरती की।

हरकी पैड़ी पर छड़ी पूजन के दौरान जयघोष करते संत ।- फोटो : HARIDWAR