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नहीं दिखी पॉलिथीन और प्लास्टिक
hridwar uttrakhanda india
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:50 PM IST
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नहीं दिखी पॉलिथीन
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। नगर निगम प्रशासन ने साफ सफाई के साथ प्रतिबंधित पॉलिथीन और प्लास्टिक कहीं नजर न आए इसके लिए अधिकारी बृहस्पतिवार सुबह से ही सतर्क नजर आ रहे थे। हरकी पैड़ी क्षेत्र में प्रतिबंधित सामान बेचने वालों को डंडे के बल भगाया गया। गंगा के किसी भी घाट पर प्लास्टिक की कैनी, बिछाने की पॉलिथीन और अन्य सामान बेचने वाले कहीं नजर नहीं आए। घाटों पर जगह-जगह खूब चूना छिड़का गया था। सफाई हवलदार तो दारोगा बनकर काम कर रहा था।
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नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने बृहस्पतिवार सुबह हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचकर नाईघाट में कुछ दुकानदारों का प्रतिबंधित सामान बेचने पर चालान किया। बाद में नगर निगम के सफाई हवलदार ने दरोगा बनकर गंगा घाटों पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से पराठा, चाय की दुकान वालों, फंड लगाकर फूल-प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों को डंडा दिखाकर भगाया। बिजलीघर के पास की जो अवैध दुकानें अर्द्घकुंभ मेला भी नहीं हटाई गई थीं, उन्हें भी एनजीटी को दिखाने के लिए हटा दिया गया। सुभाषघाट से गऊघाट तक अवैध लंगर बनाने और बांटने वाले भी नजर नहीं आए। नगर निगम ने मालवीय घाट, सुभाषघाट, नाईघाट, गऊघाट, रोडी बेलवाला, पुलिस चौकी हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा तक चूना छिड़का गया। नगर आयुक्त ने सहायक नगर अधिकारी रवींद्र कुमार दयाल, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रवीण कुमार को सुबह ही हरकी पैड़ी क्षेत्र में तैनात कर दिया था। हरकी पैड़ी क्षेत्र के पार्षद कन्हैया खेवड़िया ने कहा कि एनजीटी को दिखाने के लिए जो व्यवस्था आज नगर निगम की वह उसको हमेशा क्यों नहीं बनाए रखा जा सकता है। इससे साफ हुआ कि अधिकारी अपने हित में काम करते हैं उन्हें जनहित जन सुविधा से कोई लेना देना है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि जो लंगर, अतिक्रमण और दुकानें कुंभ में भी नहीं हटी उन्हें नगर निगम के एक हवलदार ने ही हटा दिया। पुलिस की जरूरत नहीं पड़ी। इसका मतलब साफ है कि नगर निगम प्रशासन की लापरवाही से ही अव्यवस्था और गंदगी फैलती है।
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