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शांतिकुंज के सेवा कार्य प्रेरणादायी : रावत
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:42 PM IST
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शांतिकुंज के काम को सराहा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश की पहचान जिस तरह मां गंगा है, उसी तरह देवभूमि उत्तराखंड की पहचान गायत्री परिवार है। गायत्री परिवार के धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों और सेवा की गतिविधियों से पूरे समाज को प्रेरणा लेनी चाहिए। कहा कि देवभूमि में जहां भी दैवीय विपदाएं आईं, वहां सबसे पहले सेवा, सहयोग के लिए गायत्री परिवार पहुंचा।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत शांतिकुंज में बुधवार को शुरू हुए भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के तीन दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। शिविर में पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, मप्र, हरियाणा के 500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा काम जनमानस को संस्कारित करने का है जो संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने इस परीक्षा को पूरे राज्य में आयोजित कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज ने सेवा की जो लकीरें खींची हैं, वह एवरेस्ट जैसा है।
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इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति संस्कारयुक्त है जो मानव को महामानव बनाने वाली है। यही संस्कृति सद्गुणों की खेती करना सिखाती है। जिस तरह विज्ञान और अध्यात्म के मिलने से श्रेष्ठ युग आता है, उसी तरह संस्कृति और सभ्यता के मिलन से समग्र मानव का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि 1994 में शुरू हुआ भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का यह अभियान 2015 में करीब 48 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच गया है।
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गंगा की स्वच्छता को शांतिकुंज का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए डा. पंड्या ने कहा कि 2525 किमी की दूरी तय करने वाली मां गंगा को 2025 तक स्वच्छ व निर्मल बनाना है। कहा कि निर्मल गंगा जन अभियान के तहत गंगोत्री से गंगासागर तक के सफाई अभियान के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। 2025 तक गंगा को पूरी तरह निर्मल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में गायत्री परिवार के पांच लाख से अधिक कार्यकर्त्ता जुटे हैं। इस दौरान डा. पंड्या ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को स्मृति चिह्न एवं साहित्य भेंटकर सम्मानित किया। उद्घाटन सत्र का संचालन डा. बृजमोहन गौड़ ने किया। इस अवसर पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, राजनीतिक कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शांतिकुंज के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा की समाधि पर पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
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जिले के टॉपर दिव्या को किया सम्मानित
गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की कक्षा 12 की छात्रा कुमारी दिव्या यादव को सीबीएसई में हरिद्वार जनपद में प्रथम स्थान पर आने पर पूर्व न्यायाधीश सत्यनारायण पंड्या की ओर से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दस हजार रुपये का चेक भेंटकर सम्मानित किया। दिव्या के माता पिता शांतिकुंज के स्वयंसेवी हैं और वे पिछले कई सालों से समाजसेवा में लगे हैं।
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डा. पंड्या का निर्णय त्याग की बड़ी मिसाल
हरिद्वार। समारोह में भाग लेने आए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने संबोधन की शुरुआत डा. प्रणव पंड्या के राज्यसभा की सदस्यता त्यागने संबंधी निर्णय का स्वागत करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब पद और प्रतिष्ठा पाने के लिए लोग लालायित हैं ऐसे में राज्यसभा की सदस्यता का त्याग करने का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की सदस्यता मिलना ही हमारे राज्य के लिए गौरव की बात थी। मैं खुद डा. प्रणव पंड्या को बधाई देने के लिए तैयारी कर रहा था लेकिन इतने में ही खबर आई कि डा. पंड्या ने यह कहते हुए कि वे शांतिकुंज के मिशन को आगे बढ़ाने के काम में ज्यादा व्यस्त हूं, उस पद को पाने से मना कर दिया, उनका यह त्याग बड़ा निर्णय व बड़ी सीख है।