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धारा रुकी तो दिखे गंगा के जख्म

Thu, 13 Oct 2016 11:59 PM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Thu, 13 Oct 2016 11:59 PM IST
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Sections of the river were stopped scarred
गंगा में गिर रहे गंदे नाले - फोटो : अमर उजाला

 गंगा की धारा बंद हुई तो एक बार फिर मोक्षदायिनी मां गंगा का दर्द सामने आ गया। धर्मनगरी में गंगा और गंगनहर में अब भी कितने गंदे नाले गिर रहे हैं यह साफ दिखाई दे रहा है। इन नालों को देखकर साफ हो गया है कि  एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की सख्ती का कोई असर सरकारी सिस्टम पर नहीं है। आबादी वाले क्षेत्रों से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक का कचरा और सीवर सीधे गंगा में गिर रहा है। गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए कवायद तो लंबे समय से चल रही है, लेकिन इसका कितना असर हुआ यह आज कल आसानी से देखा जा सकता है।

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उत्तरी हरिद्वार से लेकर ज्वालापुर तक करीब 20 गंदे नाले गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं। खड़खड़ी में लोकनाथ घाट के पास दो नाले जहां सीधे गंगा में गिर रहे हैं, वहीं खड़खड़ी श्मशान घाट, हरकी पैड़ी क्षेत्र में नाईसोता, कुशा घाट, मायादेवी प्रांगण, ऋषिकुल पुल के पास गिर रहे गंदे नाले सीधे मोक्षदायिनी गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं। इसके अलावा मायापुर से लेकर जटवाड़ा पुल तक गंगनहर के किनारे बसी अवैध बस्तियां जहां गंगा के दर्द को बढ़ा रही हैं, वहीं प्रेमनगर आश्रम पुल के निकट और ज्वालापुर के मोहल्ला कस्साबान व पुल जटवाड़ा के पास भी गंदे नाले गंगा में गिर रहे हैं।
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दावे तक सिमटी एनजीटी
एनजीटी ने पिछले करीब डेढ़ साल से गंगा की प्रदूषण मुक्ति का बीड़ा उठाया हुआ है। मगर दो साल से सिर्फ दावे ही किए जा रहे हैं। पिछले दिनों एनजीटी ने दो होटल सीलकर तेजी जरूर दिखाई, लेकिन गंगा में सीवर व गंदे नाले गिरने से लेकर घाटों पर पालीथिन धड़ल्ले से बिकती है। एनजीटी की सख्ती का कोई असर बंदी के दौरान गंगा में नजर नहीं आ रहा है। प्रदूषण के स्रोत पिछले सालों की तरह इस बार भी नजर आ रहे हैं।
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नमामि गंगे को दिखाया आइना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे को भी गंदे नाले और सीवर आइना दिखा रहे हैं। चार महीने पहले हरिद्वार में समारोह पूर्वक कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बावजूद अभी तक धरातल पर कुछ नजर नहीं आया है। यह हाल तब है जबकि कुंभ 2010 में गंगा की स्वच्छता को लेकर अनशन करने वाली केंद्रीय मंत्री उमा भारती के पास गंगा रक्षा से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी है।

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परिस्थितियां बदली, पर प्रयास जारी
गंगा में गिरती गंदगी पर हरिद्वार मेयर मनोज गर्ग का कहना है कि परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं, मगर अभी सुधार की काफी गुंजाइश है। मनोज गर्ग ने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के नगर निगम स्तर से लगातार प्रयास जारी हैं। इस बारे में केंद्र और राज्य सरकार से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

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