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सतपाल पर निर्दलीय लड़ने का दबाव
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 21 Jan 2017 10:20 PM IST
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ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी को कांग्रेस का टिकट मिलने का विरोध कर रहे कांग्रेस के कार्यकर्ता दिन भर अपने नेता पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का दबाव बनाते रहे। उन्हें जीत के गणित भी गिनवाए गए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि वे ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के समर्थन में काम नहीं करेंगे। बार- बार डाले जा रहे दबाव के बावजूद सतपाल इससे सहमत नहीं दिखें।अमर उजाला से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ताओं की बात और गुस्सा जायज हो सकता है लेकिन पार्टी का आदेश सर्वोपरी है। पार्टी ने जो भी निर्णय लिया है, उससे कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास करूंगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच सतपाल ब्रह्मचारी के राधाकृष्ण धाम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष तथा मदन कौशिक के स्थान पर शहर से टिकट की मांग कर रहे ओमप्रकाश जमदग्रि की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। ओमप्रकाश जमदग्रि सुबह से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से लेकर देर शाम हुए हंगामे के समय भी आश्रम में मौजूद थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे महज व्यक्तिगत संबंधों के चलते आश्रम में आए थे। कांग्रेस की राजनीति से उन्हें कोई लेना देना नहीं है, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वर्ष 2003 में सतपाल ब्रह्मचारी के पालिकाध्यक्ष के चुनाव के समय उन्होंने भाजपा से घोषित रूप से छुट्टी लेकर चुनाव लड़वाया था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच सतपाल ब्रह्मचारी के राधाकृष्ण धाम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष तथा मदन कौशिक के स्थान पर शहर से टिकट की मांग कर रहे ओमप्रकाश जमदग्रि की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। ओमप्रकाश जमदग्रि सुबह से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से लेकर देर शाम हुए हंगामे के समय भी आश्रम में मौजूद थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे महज व्यक्तिगत संबंधों के चलते आश्रम में आए थे। कांग्रेस की राजनीति से उन्हें कोई लेना देना नहीं है, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वर्ष 2003 में सतपाल ब्रह्मचारी के पालिकाध्यक्ष के चुनाव के समय उन्होंने भाजपा से घोषित रूप से छुट्टी लेकर चुनाव लड़वाया था।
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