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वसीम रिजवी के जितेंद्र त्यागी बनने पर भव्य अभिनंदन
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हरिद्वार में धर्म संसद में मौजूद जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) साथ में संत ।
- फोटो : HARIDWAR
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धर्म संसद के दूसरे दिन हाल ही में सनातन धर्म अपनाने वाले जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) का संत समाज ने अभिनंदन किया। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के नेतृत्व में आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री, रोहित शर्मा, सनोज शास्त्री और अन्य ब्राह्मणों ने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी से वेद मंत्रों का वाचन कराया।
ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती और स्व. बैकुंठ लाल शर्मा की स्मृति में भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में आयोजित धर्म संसद में शनिवार को जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि सनातन धर्म की सबसे बड़ी कुरीति जातिवाद है, लेकिन युवा संत और सामाजिक कार्यकर्ता इसे मिटाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्यागी समाज के युवाओं ने ईरानी मूल के वसीम रिजवी को अपने समाज में जगह दी। हर समाज को त्यागी समाज का अनुसरण करना चाहिए। पंडित अधीर कौशिक ने हिंदू समाज को जातिवाद की बुराई से मुक्ति दिलाने का संकल्प दिलाया। कहा कि ब्राह्मण से लेकर वाल्मीकि सभी एक परिवार हैं।
धर्म संसद में सर्वसम्मति से तय हुआ कि संत समाज विश्व के गैर हिंदुओं को सनातन धर्म में आमंत्रित करेगा। इसके लिए विश्वव्यापी अभियान चलाया जाएगा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने इस मुहिम का समर्थन किया। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि, महामंडलेश्वर अनंतानंद, महामंडलेश्वर डॉ. प्रेमानंद, महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषनंद, महामंडलेश्वर मां मधुरा, महामंडलेश्वर लोकेशनंद गिरि, श्रीमहंत लोकेश दास, साध्वी प्राची, महंत रामेश्वरानंद, बालयोगी ज्ञाननाथ, कुलदीप, अंकित चौहान, अरुण त्यागी मौजूद रहे।
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ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती और स्व. बैकुंठ लाल शर्मा की स्मृति में भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में आयोजित धर्म संसद में शनिवार को जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा कि सनातन धर्म की सबसे बड़ी कुरीति जातिवाद है, लेकिन युवा संत और सामाजिक कार्यकर्ता इसे मिटाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्यागी समाज के युवाओं ने ईरानी मूल के वसीम रिजवी को अपने समाज में जगह दी। हर समाज को त्यागी समाज का अनुसरण करना चाहिए। पंडित अधीर कौशिक ने हिंदू समाज को जातिवाद की बुराई से मुक्ति दिलाने का संकल्प दिलाया। कहा कि ब्राह्मण से लेकर वाल्मीकि सभी एक परिवार हैं।
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धर्म संसद में सर्वसम्मति से तय हुआ कि संत समाज विश्व के गैर हिंदुओं को सनातन धर्म में आमंत्रित करेगा। इसके लिए विश्वव्यापी अभियान चलाया जाएगा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने इस मुहिम का समर्थन किया। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि, महामंडलेश्वर अनंतानंद, महामंडलेश्वर डॉ. प्रेमानंद, महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषनंद, महामंडलेश्वर मां मधुरा, महामंडलेश्वर लोकेशनंद गिरि, श्रीमहंत लोकेश दास, साध्वी प्राची, महंत रामेश्वरानंद, बालयोगी ज्ञाननाथ, कुलदीप, अंकित चौहान, अरुण त्यागी मौजूद रहे।
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