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सैन्य कार्य सन्यास धर्म से कम नहीं: रामदेव
hridwar uttrakhanda india
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:00 AM IST
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सैन्य कर्म भी संन्यास जैसा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में चल रहा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 2000 जवानों का दस दिवसीय योग शिविर सोमवार को संपन्न हो गया। समापन समारोह में जवानों ने बटालियन से जुड़ी गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में बीएसएफ की संघर्ष क्षमता को मंचन किया। आचार्यकुलम और पतंजलि वैदिक गुरुकुलम के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
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इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सैन्य धर्म किसी सन्यास धर्म से कम नहीं है। सब कुछ भुलाकर देश की सीमा पर संकल्पित रहना किसी सन्यासी से कम नहीं है। उन्होंने कहा पतंजलि योगपीठ हर परिवार में ऐसे योगी तैयार करेगी जो जरूरत पड़ने पर अपना राष्ट्रधर्म निभाने से पीछे न रहें।
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आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि बाबा रामदेव के हर संकल्प में राष्ट्रोत्थान दिखता है। पतंजलि परिवार के करोड़ों साधक उसे पूरा करने में प्रयत्नशील हैं। कहा कि जब हर जवान योगी बनेगा और हर योगाभ्यासी सैन्य धर्म निर्वहन करेगा तो भारत विश्वगुरु बनेगा। बीएसएफ के डीजी एके शर्मा ने पतंजलि योगपीठ के योग, आयुर्वेद, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वदेशी अभियान की सराहना की। बीएसएफ के अधिकारियों ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को बीएसएफ का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया।
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