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आठ साल का टूटा रिकार्ड, 10 दिन में 91 एमएम बारिश

Mon, 10 Jan 2022 08:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 08:21 PM IST
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Record broken for eight years, 91 mm of rain in 10 days
शनिवार और रविवार को हुई झमाझम बारिश ने पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी में मात्र 10 दिन में ही 91 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इससे पहले 2014 में जनवरी के पूरे महीने में 80 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अभी जनवरी के 20 दिन बाकी हैं। इस लिहाज से आगामी दिनों में बारिश से नया रिकॉर्ड बन सकता है। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में शीत लहर से लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। बर्फ पिघलते ही तापमान गिरेगा और ठंडी हवाएं चलने के साथ न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक आने की संभावना है।
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मौसम चक्र लगातार बदल रहा है। इसकी वजह प्रकृति से खिलवाड़ और इंसानों का अत्यधिक दखल है। गर्मी व मानसून में औसत से कम बारिश हो रही है। ठंड भी देर से शुरू हो रही है। आमतौर पर नवंबर आखिर से शुरू होने वाली ठंड इस बार जनवरी में शुरू हुई है। जनवरी में भी मानसून की तरह शनिवार और रविवार को आसमान बरसा है। बहादराबाद स्थित मौसम विभाग के ऋतु आलोक शाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत का कहना है कि दो दिन में 40 एमएम बारिश हुई है। वहीं एक से 10 जनवरी तक 91 एमएम बारिश का रिकॉर्ड बन गया है। आज से आठ साल पहले 2014 में जनवरी पूरे महीने में 80 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई थी लेकिन इस साल मात्र 10 दिन में 91 एमएम बारिश हो चुकी है। मंगलवार को पांच एमएम और बुधवार को दो एमएम बारिश होने का पूर्वानुमान है। रिकॉर्ड बारिश से किसान भी परेशान हो गए। गेहूं और सरसों की फसल को सीमित पानी की आवश्यकता थी ताकि नमी होने पर यूरिया का छिड़काव किया जा सके लेकिन दो दिन की बारिश से खेतों में पानी भर गया है। कई इलाकों में आंधी तूफान से गेहूं और सरसों की फसल टूटकर गिर गई है। आलू समेत कई सब्जियों की फसल खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है।
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2014 में जनवरी के पूरे महीने में 80 एमएम बारिश हुई थी लेकिन इस साल मात्र दस दिन में 91 एमएम बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। बारिश के कारण तापमान भी ऊपर नीचे हो रहा है। आर्द्रता अधिक होने से बारिश के वक्त सामान्य से अधिक तापमान चला जाता है। वहीं बारिश बंद होने के बाद जनवरी में शीत लहर शुरू हो जाती है। - नरेंद्र रावत, शोध पर्यवेक्षक, मौसम विभाग
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