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रामदेव के घर में योग को भूले स्कूल
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:49 PM IST
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हरिद्वार। योग गुरु बाबा रामदेव ने दुनियाभर में योग का परचम लहराया है। मगर उनके घर में सरकारी स्कूल ही योग को भूल गए। हरिद्वार सहित उत्तराखंड के सभी जिलों में अगस्त का पहला हफ्ता योग सप्ताह के तौर पर मनाया जाना था। हरिद्वार जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में योग का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। कुछ स्कूलों को हफ्ता गुजरने के बाद योग की याद भी आई तो महज औपचारिकता निभा दी गई।
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प्राचीन भारतीय ग्रंथों में शरीर मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने वाली आध्यात्मिक प्रक्रिया को योग माना गया है। वेदों सहित श्रीमद्भागवत गीता में जीवन जीने की इस कला का उल्लेख मिलता है। वर्तमान में दुनिया के कोने कोने में रहने वाले अलग अलग जाति धर्मों के लोगों को योग से रूबरू कराते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने का श्रेय बाबा रामदेव को जाता है। योग की दुनिया भर में स्वीकार्यता और लोकप्रियता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 11 दिसंबर 2014 को हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने की घोषणा की। मगर बाबा रामदेव ने जिस हरिद्वार से योग की गंगा बहाई, वहां इस पर सरकारी स्कूल भी संजीदा नहीं है। उत्तराखंड के प्रभारी अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीएस नेगी की ओर से बीते 26 जुलाई को सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में अगस्त का पहला हफ्ता योग सप्ताह के तौर पर मनाने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके तहत सभी सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के दौरान और अंतिम वादन में अनुभवी शिक्षकों और प्रशिक्षकों की देखरेख में छात्र छात्राओं को योग कराया जाना था। लेकिन इस आदेश को हरिद्वार जनपद में ही हवा में उड़ा दिया गया। जिले के अधिकांश स्कूलों में योग का कोई कार्यक्रम ही आयोजित नहीं हो पाया। इक्का दुक्का स्कूलों में हफ्ता गुजरने के बाद कार्यक्रम हुए भी तो फोटो खिंचाकर रस्म अदायगी कर दी गई।
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वाटसएप से भेजी गई थी सूचना
शासन से निर्देश मिलने के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों ने इसकी सूचना वाटसएप के जरिये स्कूलों में भेजी थी। जिसमेें योग सप्ताह को गंभीरता से लेने की हिदायत भी दी गई थी। मगर इसका अनुपालन हुआ कि नहीं, बाद में अधिकारियों ने खुद भी इसकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा।
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शासन की ओर से स्कूलों में योग सप्ताह मनाने के निर्देश मिले थे। मगर इन दिनों बारिश के कारण लगभग 50 फीसदी स्कूल योग कार्यक्रम आयोजित करने की स्थिति में नहीं हैं। जिन स्कूलों में सुविधाएं थी, वहां कार्यक्रम शुरू करा दिए गए थे। कुछ स्कूलों में अब योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डा. पुष्पा रानी वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरिद्वार