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शिरड़ी में पंच ज्योर्तिलिंग की पूजा की
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:39 PM IST
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हरिद्वार। द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से शिरड़ी में एक जुलाई से पंच ज्योर्तिलिंग स्थापित कराकर पूजा अर्चना कराई गई।
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बुधवार को कनखल में शंकराचार्य मठ में प्रेसवार्ता करते हुए शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि साईं के मंदिर बनाकर पूजा अर्चना की जा रही है और साईं को चमत्कारी दिखाना शुरू कर दिया गया है। किसी से छिपा नहीं है कि शिरड़ी में किस तरह से सूखा पड़ा था। जनता को वहां से निजात दिलाने के लिए पंच ज्योर्तिलिंग पूजा अर्चना शुरू की गई। इससे एक जुलाई के बाद से शिरड़ी में लगातार बारिश हुई है। उन्होंने देश में बढ़ रहे आतंकवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केरल, जम्मू कश्मीर के साथ कई प्रदेशों में आईएसआईएस बढ़ता जा रहा है। आसपास के एक भी देश भारत के साथ नहीं है। चीन भी विरोध में आ चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश से विदेशी लोगों को 15 दिन में बाहर कर देना चाहिए। इससे आतंकवाद से निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समय देश को बहुत ही सकारात्मक निर्णय लेने की जरूरत है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर भाजपा के घटक दल विहिप व संघ पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मौके मिले तो वह राम मंदिर बनाकर सौंप देंगे। इसके लिए शीघ्र ही पहल करने का काम किया जाएगा।
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शंकराचार्य ने चातुर्मास व्रतानुष्ठान का शुभारंभ किया
हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने व्यास पूर्णिमा पर गुरु चक्र मंडल का पूजन कर चातुर्मास व्रतानुष्ठान का शुभारंभ किया। इस मौके पर देश भर से आए जगद्गुरु के शिष्यों ने भी व्यास पूजन दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर जगद्गुरु ने चौमासा हरिद्वार में ही करने का संकल्प लिया। जगद्गुरु के साथ उनके शिष्य स्वामी सदानंद सरस्वती व स्वामी अमृतानंद सरस्वती सहित चार दंडी संन्यासियों ने भी चातुर्मास हरिद्वार में ही करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर भगवान श्री सुदर्शन चक्र पूजा विधानम तथा राज राजेश्वराश्रम की दर्पोक्तियों का शास्त्रीय उत्तर नामक दो पुस्तकों का विमोचन हुआ। ब्रह्मचारी सुषुधानंद द्वारा संकलित पुस्तक में सुदर्शन चक्र से संबंधित अष्टक, कवच, शतक, स्रोत, सहस्रनामादि का विविध धार्मिक ग्रंथों से संकलन किया गया है।
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