{"_id":"6187e891f1c6374e532df06e","slug":"pockets-will-no-longer-be-loose-for-mri-haridwar-news-drn395434112","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद के पहले सरकारी अस्पताल में जल्द मिलेगी एमआरआई सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद के पहले सरकारी अस्पताल में जल्द मिलेगी एमआरआई सुविधा
विज्ञापन
मेला अस्पताल में इस भवन में लगी एमआरआई मशीन ।
- फोटो : HARIDWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए आने वाले मरीजों को अब एमआरआई करवाने के लिए निजी चिकित्सालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जल्द मेला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा मिलेगी। मेला अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
महाकुंभ के दौरान मेला अस्पताल में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए साढ़े नौ करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। कोरोना संक्रमण के चलते महाकुंभ के दो स्नानों को सांकेतिक ही कराया गया था। इस दौरान एमआरआई मशीन लगाने की प्रक्रिया जारी थी। अब मेला अस्पताल में कक्ष तैयार करने के बाद एमआरआई मशीन भी पहुंच गई है। नवनिर्मित भवन में मशीन लगाने का काम युद्घस्तर पर चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह या फिर दिसंबर के पहले सप्ताह में एमआरआई सुविधा मिलनी लगेगी। संवाद
सरकारी में तीन हजार और निजी में आठ हजार शुल्क
सरकारी अस्पतालों में एमआरआई की फीस तीन हजार रुपये के आसपास है। जबकि निजी अस्पतालों में कम से कम आठ हजार रुपये है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में एमआरआई कराने वाले बीपीएल परिवारों के मरीजों से कोई फीस नहीं ली जाती। अब तक जनपद में यह सुविधा नहीं होने के कारण गरीब लोगों को निजी अस्पतालों में मोटी फीस देकर एमआरआई जांच करवानी पड़ती है।
विज्ञापन
जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है। मेला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू होने से जिलेभर के मरीजों को लाभ हो सकेगा। जैसे ही कार्यदायी संस्था उन्हें मशीन हैंडओवर करेगी, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एमआरआई होने लगेंगे।
डॉ. राजेश गुप्ता, सीएमएस, मेला अस्पताल
विज्ञापन
महाकुंभ के दौरान मेला अस्पताल में एमआरआई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए साढ़े नौ करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। कोरोना संक्रमण के चलते महाकुंभ के दो स्नानों को सांकेतिक ही कराया गया था। इस दौरान एमआरआई मशीन लगाने की प्रक्रिया जारी थी। अब मेला अस्पताल में कक्ष तैयार करने के बाद एमआरआई मशीन भी पहुंच गई है। नवनिर्मित भवन में मशीन लगाने का काम युद्घस्तर पर चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नवंबर के अंतिम सप्ताह या फिर दिसंबर के पहले सप्ताह में एमआरआई सुविधा मिलनी लगेगी। संवाद
विज्ञापन
सरकारी में तीन हजार और निजी में आठ हजार शुल्क
सरकारी अस्पतालों में एमआरआई की फीस तीन हजार रुपये के आसपास है। जबकि निजी अस्पतालों में कम से कम आठ हजार रुपये है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में एमआरआई कराने वाले बीपीएल परिवारों के मरीजों से कोई फीस नहीं ली जाती। अब तक जनपद में यह सुविधा नहीं होने के कारण गरीब लोगों को निजी अस्पतालों में मोटी फीस देकर एमआरआई जांच करवानी पड़ती है।
विज्ञापन
जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है। मेला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू होने से जिलेभर के मरीजों को लाभ हो सकेगा। जैसे ही कार्यदायी संस्था उन्हें मशीन हैंडओवर करेगी, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एमआरआई होने लगेंगे।
डॉ. राजेश गुप्ता, सीएमएस, मेला अस्पताल