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संस्था के स्कूलों का जलवा, निजी हुए धड़ाम
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Sun, 22 May 2016 11:54 PM IST
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हरिद्वार। शहर में संस्थागत और निजी स्कूलों की भरमार है, लेकिन इन स्कूलों में से इस साल इंटरमीडिएट परीक्षाओं में संस्थागत स्कूलों के छात्र-छात्राओं का ही जलवा रहा। कई निजी स्कूलों के हालात यह रहे कि उनमें एक भी छात्र 90 प्रतिशत अंकों के आंकड़े को छू तक नहीं सका।
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निजी पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सबसे बेहतर माना जाता रहा है, लेकिन अब शहर के निजी स्कूलों में शिक्षा का स्तर प्रतिशत की मेरिट में नीचे आ गया है। शहर के कई नामी गिरामी स्कूलों के बच्चे 90 प्रतिशत के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। कभी शहर का सबसे टॉप स्कूल रहा केंद्रीय विद्यालय भेल भी अब टॉपर की श्रेणी से बाहर होता दिखाई दे रहा है। अब यदि इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम पर गौर करें तो नंबर वन पर आता है दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर का नाम। उसने पिछले सालों में प्रतिशत के उच्च स्कोर का कीर्तिमान स्थापित किया है। नंबर दो पर आर्य विद्या सभा द्वारा संचालित डीएवी सेंटेनरी जगजीतपुर का नाम शामिल है। यह स्कूल भी शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों में शामिल होने में कामयाब हो गया है। हालांकि हरिद्वार की सीमा से सटे गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज की छात्रा दिव्या यादव ने इस साल टॉप किया, लेकिन यह स्कूल देहरादून जनपद में आता है। हरिद्वार क्षेत्र के कुल नौ पब्लिक स्कूलों के छात्र-छात्राएं ही 90 प्रतिशत के आंकड़ों को पार कर पाए।
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इन स्कूलों में 90 प्रतिशत से ऊपर रिजल्ट
डीपीएस रानीपुर के 36, डीएवी जगजीतपुर के 19, सेंटमेरी ज्वालापुर के 6, गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज के 4, केंद्रीय विद्यालय भेल के 2, शिवडेल जगजीतपुर के 2, उद्देश्वर पब्लिक स्कूल ज्वालापुर में एक, एंजिल एकेडमी बहादराबाद के 2, मां सरस्वती पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 3 छात्र-छात्राएं 90 प्रतिशत से ऊपर की श्रेणी में शामिल हुए।
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