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डिग्री कॉलेजों में छात्र-छात्राएं पढ़ेंगे कॉस्टमैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री
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यदि आप खुद सजने व सजाने के शौकीन हैं और सौंदर्य प्रसाधन पदार्थों में रुचि रखते हैं तो नई शिक्षा नीति ऐसे छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आई है। नई शिक्षा नीति में कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री को बीएससी प्रथम वर्ष या द्वितीय सेमेस्टर में वोकेशनल कोर्स के तौर पर शामिल किया गया है। इससे छात्र-छात्राएं न सिर्फ अपने शौक पूरा कर पाएंगे बल्कि अपना रोजगार भी शुरू कर सकेंगे। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि ने अपने संबद्ध डिग्री कॉलेजों में इस विषय में प्रवेश देने भी शुरू कर दिए हैं।
प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। ऐसे में अब स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां तीन परंपरागत विषयों के साथ स्नातक पाठ्यक्रम संचालित किया जाता था, अब नई शिक्षा नीति में इसमें बदलाव किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत संचालित कोर्सेज में रोजगार परक विषय भी शामिल किए गए हैं। पहले विज्ञान संकाय में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और बॉयोलॉजी जैसे परंपरागत विषयों की पढ़ाई होती थी। अब इसमें कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री जैसा रोजगारपरक विषय भी जोड़ दिया गया है। इस कोर्स में प्रवेश के लिए केमिस्ट्री विषय के साथ पढ़ाई करने वाले छात्र ही अनुमन्य होंगे। संवाद
छात्र-छात्राओं को मिलेगी सौंदर्य प्रसाधनों की ट्रेनिंग
हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री विषय की असिस्टेंट प्रो. डॉ. ऐश्वर्य सिंह ने बताया कि इस विषय के अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं को सौंदर्य प्रसाधनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि लिपस्टिक, फाउंडेशन, खुशबूदार तेल, क्रीम, परफ्यूम आदि कैसे बनाए जाते हैं। इनमें किस तरह के केमिकल का प्रयोग किया जाता है और इन्हें स्टोर कैसे किया जाता है।
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नई शिक्षा नीति में कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री विषय को वोकेशनल कोर्स के रूप में सम्मिलित किया गया है। इसकी पढ़ाई करने वाले छात्रों को रोजगार के द्वार खुलेंगे। विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश भी शुरू हो चुके हैं। काफी संख्या में छात्र-छात्राएं इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
----केआर भट्ट, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि
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प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। ऐसे में अब स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां तीन परंपरागत विषयों के साथ स्नातक पाठ्यक्रम संचालित किया जाता था, अब नई शिक्षा नीति में इसमें बदलाव किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत संचालित कोर्सेज में रोजगार परक विषय भी शामिल किए गए हैं। पहले विज्ञान संकाय में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और बॉयोलॉजी जैसे परंपरागत विषयों की पढ़ाई होती थी। अब इसमें कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री जैसा रोजगारपरक विषय भी जोड़ दिया गया है। इस कोर्स में प्रवेश के लिए केमिस्ट्री विषय के साथ पढ़ाई करने वाले छात्र ही अनुमन्य होंगे। संवाद
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छात्र-छात्राओं को मिलेगी सौंदर्य प्रसाधनों की ट्रेनिंग
हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री विषय की असिस्टेंट प्रो. डॉ. ऐश्वर्य सिंह ने बताया कि इस विषय के अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं को सौंदर्य प्रसाधनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि लिपस्टिक, फाउंडेशन, खुशबूदार तेल, क्रीम, परफ्यूम आदि कैसे बनाए जाते हैं। इनमें किस तरह के केमिकल का प्रयोग किया जाता है और इन्हें स्टोर कैसे किया जाता है।
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नई शिक्षा नीति में कॉस्मैटिक एवं परफ्यूम केमिस्ट्री विषय को वोकेशनल कोर्स के रूप में सम्मिलित किया गया है। इसकी पढ़ाई करने वाले छात्रों को रोजगार के द्वार खुलेंगे। विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश भी शुरू हो चुके हैं। काफी संख्या में छात्र-छात्राएं इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
----केआर भट्ट, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि