फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Nhay Khay Chhath festival began

नहाय खाय से शुरू हुआ छठ पर्व

Mon, 16 Nov 2015 12:30 AM IST
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:30 AM IST
विज्ञापन
Nhay Khay Chhath festival began

हरिद्वार। पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख छठ महोत्सव नहाय खाय के साथ प्रारंभ हो गया है। चार दिन चलने वाले इस पर्व का समापन 18 नवंबर हो उगते सूर्य के अर्घ्य के बाद होगा। पहले दिन गंगा पूजन हेतु कलश यात्रा भी निकाली गई।

विज्ञापन


पूर्वाचंल की महिलाएं कलश यात्रा में छठ मैया के गीत गाते हुए चल रही थी। आचार्य शशि भूषण शुक्ला ने वैदिक मंत्रोचारण के साथ कलश पूजन कराया। दीप प्रज्ज्वलित कर सवस्ति वाचन एवं शांति पाठ का आयोजन किया गया। अनेक झांकियों से युक्त कलश यात्रा सम्पूर्ण नगर का भ्रमण करते हुए हरकी पैड़ी पहुंची। अधिकांश महिलाएं नंगे पैर चल रही थी।
विज्ञापन

जल कम होने के कारण मांगलिक पर्व का शुुुुभांरभ विधि विधान के साथ न हो पाया। पूर्वांचल संस्था के अध्यक्ष ब्रह्माशंकर चौबे एवं ललिता मिश्रा ने शंखनाद के माध्यम से गंगा मैया की आराधना की।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक रामयश सिंह, संयोजक विकास सिंह, जटाशंकर श्रीवास्तव, एसबी पाण्डेय आदि ने छठ मैया के बारे में विचार रखे। परंपरागत रूप से  नहाय खाय का आयोजन घर-घर हुआ। घरों में सात्विक माहौल पैदा करने  के लिए घरों की घुलाई की गई। कलशों में गंगा जल की घर घर स्थापना हुई। सोमवार को खरना पर्व मनाया जाएगा। मंगलवार की शाम शोभा यात्रा निकाल कर महिलाएं आपने डालों के साथ गंगा तट पर पहुंचेगी। व्रती महिलाएं मंगलवार को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगी। बुधवार की सवेरे आतिशबाजी के साथ उदय होते सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। इस अर्घ्य के साथ महिलाओं का तीन दिन लम्बा व्रत सम्पन्न होगा।


गंगा न होने से पूर्वांचल वासी निराश
हरिद्वार। प्रयत्नों के बावजूद गंगा में जल नहीं आ पाया है। पूर्वांचल वासियों ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी वार्ता की है। अर्द्घकुंभ कार्य चलने के कारण उत्तराखंड सरकार जल छोड़ने में कोई रुचि नहीं ले रही। पूर्वांचल जन जागृति संस्था के अध्यक्ष ब्रह्माशंकर चौबे ने बताया कि यदि सिंचाई विभाग अपनी हठ पर कायम रहा तो छठ पर्व बिखर जाएगा। उस सूरत में जिसे जहां जल मिलेंगा वह वहीं धार्मिक कृत्य सम्पन्न कर लेगा। बड़ी संख्या पूर्वोत्तर वासी नीलधारा तक जा छठ मनाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed