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धरातल पर मिशन क्लीन गंगा अभियान आज से

Tue, 03 Jan 2017 10:44 PM IST
रतनमणी डोभाल हरिद्वार
रतनमणी डोभाल हरिद्वार Updated Tue, 03 Jan 2017 10:44 PM IST
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केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (क्लीन गंगा) का काम बुधवार से धरातल पर शुरू होने जा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों ने बुधवार को असावत इंफ्राटेक के अधिकारियों को गंगा के रीवर फ्रंट में गिर रहे नालों तथा गंगा घाटों का साइड पर निरीक्षण कराया।

 हरिद्वार और ऋषिकेश का मिशन क्लीन गंगा का तीन साल के लिए ठेका लेने वाली दिल्ली की प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों को हरिद्वार में क्लीन गंगा के स्टाटिंग प्वाइंट सर्वानंद घाट, लोकनाथ नाला, श्मशानघाट खड़खड़ी, भीमगोडा नाला, कांगड़ा घाट नाला, हर की पैड़ी के आसपास के नालों नाईसोता नाला, बेलदेई नाला, कुशावर्त घाट नाला, ललतारौ नाला, मायापुर तथा कनखल क्षेत्र का रीवर फ्रंट गंगातट दिखाया गया।
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 नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि कंपनी गंगा की सतह की सफाई कराएगी। नालों से गंगाजी में पहुंचने वाले कूड़े कचरे तथा फूल की सफाई के लिए कंपनी नालों के मुुहाने व घाटों पर बुम लगाए जाएंगे। बुम एक तरह का जाल होगा जिसमें कूड़ा कचरा अटक जाएगा और उसे ट्रैश स्कीमर मशीन से बाहर निकाला जाएगा। इससे गंगा में किसी भी प्रकार का कूड़ा कचरा, फूल पत्ती, नारियल, पूजन सामग्री बहती हुई नहीं दिखाई देगी। नगर निगम के आईटी अधिकारी मयंक सिंघल ने बताया कि हर की पैड़ी क्षेत्र में शिव सेतु, गऊघाट पुल, बिरला घाट पुल और डामकोठी पुल सहित नया हरिद्वार, सिंहद्वार और पुल जटवाड़ा पर बुम लगाए जाएंगे। मयंक सिंघल ने बताया कि असावत इंफ्राटेक के पर्यावरण इंजीनियर शिव कुमार एवं क्लीन गंगा मिशन के हरिद्वार-ऋषिकेश के कोआर्डिनेटर विजय को महत्वपूर्ण लोकल साइडों को निरीक्षण करा दिया गया है और बुधवार से गंगाजी की सतह की सफाई का काम शुरू हो जाएगा।
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ट्रैश स्कीमर मशीन की सफलता पर सवाल
क्लीन गंगा के लिए कंपनी की तीन ट्रैश स्कीमर मशीन ला रही है लेकिन जानकार लोग इसकी सफलता पर सवाल उठाने लगें हैं। नगर निगम के अधिकारी  मानते हैं कि हरिद्वार में गंगाजी बहाव काफी तेज होता है। इसलिए गंगा में ट्रैश स्कीमर चलाकर सफाई नहीं की जा सकती है। यह मशीन जहां पर पानी बहता न हो वहां पर कूड़ा जमा होने पर उसकी सफाई के लिए उपयुक्त है। यहां तो गंगाजी रफ्तार से बहती है जो तनमन की गंदगी के साथ कूड़ा कचरा भी बहाकर ले जाती है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिनेश शर्मा ने का कहना है एक बार गंगाजी में ट्रैश स्कीमर का प्रजेंटेशन देखने के बाद ही इसकी सफलता और असफलता के बारे में कुछ बता पाएंगे लेकिन यह सही है कि हरिद्वार में तेजगति से बहने वाली गंगाजी हैं।
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