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मातृसदन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 09 Jan 2017 10:58 PM IST
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चुनाव आचार संहिता के बीच जनपद में अवैध खनन पर मातृसदन ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फोटो और वीडियो सहित 200 पेज की चिट्ठी भी भेजी गई है।
सोमवार की दोपहर मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि खनन कागजों में बंद हैं, लेकिन धरातल पर निरंतर चल रहा है। उन्होंने कहा कि मातृसदन रात में भी खनन की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को फोन व फैक्स कर सूचना देता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज बजाय इक्का दुक्का ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ ली जाती हैं। स्वामी शिवानंद ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हाईकोर्ट नैनीताल के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्टोन क्रशरों को अभी तक गंगा से पांच किलोमीटर दूर नहीं किया गया है। क्रशर जब तक गंगा से पांच किमी दूर नहीं हटेंगे, तब तक अवैध खनन नहीं रुक सकता। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी हमला बोला। वहीं आचार संहिता के बावजूद खनन जारी होने पर प्रशासन की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि इसकी विस्तृत शिकायत सीपीसीबी को भेजी गई है। जल्द ही हाईकोर्ट में भी अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
चीरहरण पर मौन हैं हरिद्वारवासी
स्वामी शिवानंद ने कहा कि हस्तिनापुर में द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था और हस्तिनापुरवासी मौन थे। उस हस्तिनापुर का हाल आज सबके सामने है। इसी तरह खनन माफिया गंगा का चीरहरण करने में लगे हैं और हरिद्वारवासी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर यह अंधेरा राज कब तक चलेगा।
सोमवार की दोपहर मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि खनन कागजों में बंद हैं, लेकिन धरातल पर निरंतर चल रहा है। उन्होंने कहा कि मातृसदन रात में भी खनन की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को फोन व फैक्स कर सूचना देता है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज बजाय इक्का दुक्का ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ ली जाती हैं। स्वामी शिवानंद ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हाईकोर्ट नैनीताल के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्टोन क्रशरों को अभी तक गंगा से पांच किलोमीटर दूर नहीं किया गया है। क्रशर जब तक गंगा से पांच किमी दूर नहीं हटेंगे, तब तक अवैध खनन नहीं रुक सकता। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी हमला बोला। वहीं आचार संहिता के बावजूद खनन जारी होने पर प्रशासन की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि इसकी विस्तृत शिकायत सीपीसीबी को भेजी गई है। जल्द ही हाईकोर्ट में भी अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।
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चीरहरण पर मौन हैं हरिद्वारवासी
स्वामी शिवानंद ने कहा कि हस्तिनापुर में द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था और हस्तिनापुरवासी मौन थे। उस हस्तिनापुर का हाल आज सबके सामने है। इसी तरह खनन माफिया गंगा का चीरहरण करने में लगे हैं और हरिद्वारवासी चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर यह अंधेरा राज कब तक चलेगा।
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