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मातृसदन का दावा, पुलिस करा रही खनन
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Tue, 03 Jan 2017 10:49 PM IST
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गंगा में खनन को लेकर एक बार फिर हरिद्वार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं। मातृसदन ने दावा किया है कि पथरी और श्यामपुर क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में अवैध खनन किया जा रहा है। साथ ही पुलिस की 50 से ज्यादा क्रशरों से सांठगांठ का सीधा आरोप भी लगाया है। प्रमाण सहित डीजीपी उत्तराखंड को चिट्ठी भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
मातृसदन में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने बताया कि कोतवाली लक्सर के तहत टांडा भागमल, टांडा महतौली, कटारपुर, बिशनपुर, शाहपुर, शीतलाखेड़ा, रानीमाजरा, चांदपुर, भोगपुर आदि में पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से डीजीपी उत्तराखंड को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अवैध खनन की लगातार सूचनाओं के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं करती। बीते 31 दिसंबर और एक जनवरी को खनन करते हुए स्टोन क्रशरों पर खनन सामग्री पहुंचाई गई। एक स्टोन क्रशर की पीछे की दीवार तोड़कर चोर रास्ता भी बनाया गया है।
फेरुपुर चौकी प्रभारी लखपत बुटोला व एसओ पथरी अजय कुमार ने फोन ही नहीं उठाए। आरोप है कि दो जनवरी की सुबह सीओ लक्सर अव्वल सिंह रावत क्रशरों पर गए थे। फोन करने पर उन्होंने सिपाही को मोबाइल पकड़ा दिया। इसकी सूचना मातृसदन ने एसपी देहात व एसएसपी को भी दी गई थी। मातृृसदन ने उस समय सीओ की लोकेशन पता लगाने की मांग भी की। वहीं श्यामपुर एसओ प्रदीप तोमर पर भी मिलीभगत से खनन कराने के आरोप लगाए हैं। खनन से बने गड्ढों के फोटोग्राफ भी भेजे गए हैं। डीजीपी एमए गणपति से कार्रवाई की मांग की गई है। स्वामी शिवानंद ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लागू की गई पर्यावरण संरक्षण की धारा पांच का भी पुलिस सरासर उल्लंघन करा रही है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। यह मामला जल्द ही कोर्ट ले जाया जाएगा।
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पथरी थाने व फेरुपुर चौकी पर गिर चुकी है गाज
पथरी थानाक्षेत्र में खनन में पुलिस की मिलीभगत के आरोप नए नहीं हैं। वर्ष 2013 में तत्कालीन एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पथरी एसओ सहित फेरुपुर चौकी का प्रभारी समेत पूरे स्टाफ को निलंबित किया था। इतना ही नहीं तत्कालीन सीओ जेआर जोशी को भी हटाया गया था। मातृसदन की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं, उनमेें भी सीओ से लेकर एसओ व पुलिस चौकी की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।
मातृसदन में पत्रकार वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने बताया कि कोतवाली लक्सर के तहत टांडा भागमल, टांडा महतौली, कटारपुर, बिशनपुर, शाहपुर, शीतलाखेड़ा, रानीमाजरा, चांदपुर, भोगपुर आदि में पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। ब्रह्मचारी दयानंद की ओर से डीजीपी उत्तराखंड को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अवैध खनन की लगातार सूचनाओं के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं करती। बीते 31 दिसंबर और एक जनवरी को खनन करते हुए स्टोन क्रशरों पर खनन सामग्री पहुंचाई गई। एक स्टोन क्रशर की पीछे की दीवार तोड़कर चोर रास्ता भी बनाया गया है।
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फेरुपुर चौकी प्रभारी लखपत बुटोला व एसओ पथरी अजय कुमार ने फोन ही नहीं उठाए। आरोप है कि दो जनवरी की सुबह सीओ लक्सर अव्वल सिंह रावत क्रशरों पर गए थे। फोन करने पर उन्होंने सिपाही को मोबाइल पकड़ा दिया। इसकी सूचना मातृसदन ने एसपी देहात व एसएसपी को भी दी गई थी। मातृृसदन ने उस समय सीओ की लोकेशन पता लगाने की मांग भी की। वहीं श्यामपुर एसओ प्रदीप तोमर पर भी मिलीभगत से खनन कराने के आरोप लगाए हैं। खनन से बने गड्ढों के फोटोग्राफ भी भेजे गए हैं। डीजीपी एमए गणपति से कार्रवाई की मांग की गई है। स्वामी शिवानंद ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लागू की गई पर्यावरण संरक्षण की धारा पांच का भी पुलिस सरासर उल्लंघन करा रही है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। यह मामला जल्द ही कोर्ट ले जाया जाएगा।
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पथरी थाने व फेरुपुर चौकी पर गिर चुकी है गाज
पथरी थानाक्षेत्र में खनन में पुलिस की मिलीभगत के आरोप नए नहीं हैं। वर्ष 2013 में तत्कालीन एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पथरी एसओ सहित फेरुपुर चौकी का प्रभारी समेत पूरे स्टाफ को निलंबित किया था। इतना ही नहीं तत्कालीन सीओ जेआर जोशी को भी हटाया गया था। मातृसदन की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं, उनमेें भी सीओ से लेकर एसओ व पुलिस चौकी की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।