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मिठाई का हब बना ज्वालापुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Tue, 10 Nov 2015 12:36 AM IST
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हरिद्वार। हरिद्वार को कई प्रसिद्ध मिठाइयों के लिए भी जाना जाता है। यहां की चंद्रकला और खुर्चन खाने की सिफारिश स्वयं देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू अपने मित्रों से किया करते थे। लेकिन आज हालात बदल गए हैं। दीपावली की मिठाइयां यद्यपि समूची पंचपुरी में बन रही है किंतु मिठाइयों का असली हब ज्वालापुर पहुंच गया है। हरिद्वार और कनखल की दुकानों का शबाब अब ढल चुका है।
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ज्वालापुर और मध्य हरिद्वार में इस समय मिठाई की 93 दुकानें हैं। इसके विपरीत मुख्य हरिद्वार नगर में करीब 12 और कनखल में 6 दुकानें ही रह गई हैं। एक जमाना था जब दिवाली ही नहीं अपितु वर्षभर हरिद्वार का मिठाई बाजार हरिया हलवाई, रघुवीर हलवाई, मथुरावाला और सिंध दुग्ध भंडार में सिमटा रहता था। कनखल की भाटिया स्वीट्स, खन्ना स्वीट्स और शर्मा स्वीट्स पंचपुरी को आकर्षित करती थी। अब ज्वालापुर के गोयल, कुमार, ममता, बीकानेरवाला, गीता हलवाई, पदम हलवाई, तिलकु हलवाई का बोलबाला है। मध्य हरिद्वार का तो यह आलम है कि यहां बीकानेर की तीन दुकानें खुल गई हैं। खरीदारों को सारा जोर ज्वालापुर और मध्य हरिद्वार पर ही है। चर्चित दुकानों पर पिछले तीन दिन से मिठाई खरीदने वालों का हुजूम उमड़ा हुआ है। इतना ही नहीं मिठाइयों की बुकिंग एक माह से चल रही है।
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कलाकंद, बालुशाही, बतीसा और खीरमोहन
हरिद्वार। पंचपुरी की चंद्रकलाओं के साथ-साथ मलाई के मीठे समोसे और मलाई की खुर्चन प्रसिद्ध रहे हैं। इनके अलावा कलाकंद, बालुशाही, बतीसा और खीरमोहन के मामले में आज भी पंचपुरी की सानी नहीं है। नंदा के पेड़े कौन भुला सकता है। कनखल के फत्तू की जलेबियां भुलाए नहीं भूलती। जमाना भले ही कितना बदल गया हो पंचपुरी में जायके ओर स्वाद के चटखारे अब भी कायम हैं। ज्वालापुर की रबड़ी कईं फिल्म स्टारों ने यहां से मंगाकर खाई है। इन में राजकपूर, धर्मेंद्र, राजेंद्र कुमार, विश्वजीत, साधना, वहीदा रहमान, हेमा मालिनी आदि प्रमुख हैं।
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अब रामदेव सहित कई मिठाई के बाजार में
हरिद्वार। बाबा रामदेव भी मिठाई के बाजार में उतर गए हैं। दिवाली पर उनकी कई मिठाई दुकानों पर बिक रही हैं। बाबा और योगी परिवार का बड़ा मिठाई संस्थान दानापानी तो विदेशों तक में मिठाई बेच रहा है। आचार्य श्रीराम शर्मा के शांतिकुंज के लड्डू दूर-दूर तक विख्यात हैं। स्वदेशी प्रतिष्ठान द्वारा तैयार पपीते और आंवले की मिठाई दिवाली पर देशभर के बाजारों में जमकर बिक रही हैं।