{"_id":"5d89098c8ebc3e01416b3013","slug":"mahamandaleshwar-will-be-formed-haridwar-news-drn3206394189","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन पीढ़ी की जांच कुंडली खंगालने के बाद बनेंगे महामंडलेश्वर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन पीढ़ी की जांच कुंडली खंगालने के बाद बनेंगे महामंडलेश्वर
Mon, 23 Sep 2019 11:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2021 के कुंभ के लिए महामंडलेश्वर बनाते समय अखाड़े संतों की बारीकी से जांच पड़ताल करेंगे। आवेदन करने वालों को तीन पीढ़ी का रिकॉर्ड मांगा जाएगा। प्रत्येक कुंभ के अवसर पर प्रत्येक अखाड़ा महामंडलेश्वर बनाता है। महामंडलेश्वर पदों पर संतों की नियुक्ति अखाड़ों के परामर्श पर अखाड़ों के आचार्य करते हैं। पिछले तीन कुंभ के मौके पर प्रयाग, नासिक और उज्जैन में करीब 87 महामंडलेश्वर बनाए गए थे।
विज्ञापन
जबकि तीनों जगह कुल अआवेदन करने वाले संतों की संख्या 332 थी। हरिद्वार कुंभ के लिए कई अखाड़ों के संतों महंतों के आवेदन पहुंचने लगे हैं। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि इस बार काफी छानबीन के बाद ही कोई महामंडलेश्वर बनेगा। उन्हाेंने कहा कि अब हर किसी को यह महत्वपूर्ण पद नहीं दिया जा सकता।
विज्ञापन
इस पद के लिए आवेदन करने वाले संत और महंतों की तीन पीढ़ियों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। अखाड़ा परिषद सूत्रों के अनुसार इस संबंध में परिषद कोई सामूहिक निर्णय अपनी आगामी बैठकों में भी ले सकती है। केवल महामंडेश्वर नहीं, अखाड़ों से जुड़ने वाले नवदीक्षितों पर भी नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन
कुंभ मेलों के अवसर पर सभी अखाड़ों में साधुओं को नवदीक्षित कर प्रवेश दिया जाता है। अबकी बार हर किसी को अखाड़ा अपना साधु नहीं बनाएगा। परिणामस्वरूप अखाड़ों के नवदीक्षा समारोह में प्रवेश करने वाले ब्रह्मचारियों की संख्या कम रह सकती है। बैरागी अखाड़े भी हर किसी को प्रवेेश नहीं देंगे।