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रसोई गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 18 Jan 2017 10:10 PM IST
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पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र की घनी बस्ती लोधामंडी में रसोई गैस की कालाबाजारी के गोरख धंधे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक टिनशेड में छापा मारकर 26 गैस सिलेंडर जब्त कर एक आरोपी को भी हिरासत में ले लिया। सूचना पर पूर्ति विभाग ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस को लंबे समय से गैस की कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी राजीव उनियाल ने टीम सहित बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी के सामने बस्ती में बने टिनशेड के हाल में छापा मारा। टिनशेड में 22 घेरलू और चार कामर्शियल गैस सिलेंडर रखे थे। मौके से एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम जोगेंद्र कुमार निवासी मथुरा, हाल निवासी लोधामंडी बस्ती हरिद्वार बताया। नगर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने अपने आला अधिकारियों के साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह को मामले की जानकारी दी। पूर्ति निरीक्षक ममता ग्वाड़ी अपने सहयोगी सहित मौके पर पहुंची और सिलेंडरों की बाबत जानकारी जुटाई। पूछताछ में आरोपी ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की बात कुबूल की। टीम ने सिलेंडर जब्त कर नजदीक की भक्त गैस एजेंसी के गोदाम में जमा करा दिए।
आबादी के बीच चल रही थी रिफलिंग
पूछताछ में आरोपी ने गैस की कालाबाजारी तो कुबूल की, लेकिन रिफलिंग के धंधे से इनकार किया। जबकि गोदाम से मिले सिलेंडरों का वजन कराया तो कई सिलेंडरों में गैस कम निकली है। इससे माना जा रहा है कि बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर बेची जा रही थी। यह बात इसलिए भी पुष्ट हो रही, क्योंकि बस्ती औद्योगिक क्षेत्र में है। यहां छोटे छोटे कारखानों में दूसरे जिलों व प्रदेशों के हजारों श्रमिक काम करते हैं। जो छोटे सिलेंडरों में किलो की दर से गैस खरीदकर खाना बनाते हैं।
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आग का गोला बन सकती थी पूरी बस्ती
आरोपी ने गैस की कालाबाजारी के लिए घनी बस्ती में गोदाम किराये पर लिया हुआ था। आसपास में छोटे-छोटे मकान होने के साथ ही ठीक सामने बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी है। इतने सिलेंडर इकट्ठे होने पर छोटी सी लापरवाही से पूरी बस्ती आग के गोले में तब्दील हो सकती थी। आरोपी ने गोदाम में सब्जी की कई ठेलियां खड़ी की थी। आसपास के लोगों ने बताया कि टिनशेड के मालिक को इस धंधे की खबर थी, कई बार उन्होंने इसकी शिकायत भी की। उसने खाली नहीं कराया। इससे टिनशेड के मालिक की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई गैस एजेंसियों से जुड़ रहे तार
गैस की कालाबाजारी का धंधा करने वाले जोगेंद्र के तार शहर की कई गैस एजेंसियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। मीडिया कर्मियों ने उससे पूछा कि सिलेंडर कैसे और कहां से जुटाए हैं। आरोपी ने बेफिक्र अंदाज में जवाब देते हुए बताया कि वह घरेलू और कामर्शियल सिलेंडर अलग-अलग गैस एजेंसी के कर्मचारियों से जुटाता था। ऐसे में एजेंसी के साथ साथ पूर्ति विभाग की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े होते हैं। विभाग अक्सर छोटे होटल ढाबों पर छापेमारी कर सिलेंडर जब्त करता है, जबकि यहां एक साथ 22 सिलेंडर मिले। विभाग को इसकी भनक ही नहीं लगी।
हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस को लंबे समय से गैस की कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र चौकी प्रभारी राजीव उनियाल ने टीम सहित बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी के सामने बस्ती में बने टिनशेड के हाल में छापा मारा। टिनशेड में 22 घेरलू और चार कामर्शियल गैस सिलेंडर रखे थे। मौके से एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम जोगेंद्र कुमार निवासी मथुरा, हाल निवासी लोधामंडी बस्ती हरिद्वार बताया। नगर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने अपने आला अधिकारियों के साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह को मामले की जानकारी दी। पूर्ति निरीक्षक ममता ग्वाड़ी अपने सहयोगी सहित मौके पर पहुंची और सिलेंडरों की बाबत जानकारी जुटाई। पूछताछ में आरोपी ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की बात कुबूल की। टीम ने सिलेंडर जब्त कर नजदीक की भक्त गैस एजेंसी के गोदाम में जमा करा दिए।
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आबादी के बीच चल रही थी रिफलिंग
पूछताछ में आरोपी ने गैस की कालाबाजारी तो कुबूल की, लेकिन रिफलिंग के धंधे से इनकार किया। जबकि गोदाम से मिले सिलेंडरों का वजन कराया तो कई सिलेंडरों में गैस कम निकली है। इससे माना जा रहा है कि बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर बेची जा रही थी। यह बात इसलिए भी पुष्ट हो रही, क्योंकि बस्ती औद्योगिक क्षेत्र में है। यहां छोटे छोटे कारखानों में दूसरे जिलों व प्रदेशों के हजारों श्रमिक काम करते हैं। जो छोटे सिलेंडरों में किलो की दर से गैस खरीदकर खाना बनाते हैं।
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आग का गोला बन सकती थी पूरी बस्ती
आरोपी ने गैस की कालाबाजारी के लिए घनी बस्ती में गोदाम किराये पर लिया हुआ था। आसपास में छोटे-छोटे मकान होने के साथ ही ठीक सामने बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी है। इतने सिलेंडर इकट्ठे होने पर छोटी सी लापरवाही से पूरी बस्ती आग के गोले में तब्दील हो सकती थी। आरोपी ने गोदाम में सब्जी की कई ठेलियां खड़ी की थी। आसपास के लोगों ने बताया कि टिनशेड के मालिक को इस धंधे की खबर थी, कई बार उन्होंने इसकी शिकायत भी की। उसने खाली नहीं कराया। इससे टिनशेड के मालिक की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई गैस एजेंसियों से जुड़ रहे तार
गैस की कालाबाजारी का धंधा करने वाले जोगेंद्र के तार शहर की कई गैस एजेंसियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। मीडिया कर्मियों ने उससे पूछा कि सिलेंडर कैसे और कहां से जुटाए हैं। आरोपी ने बेफिक्र अंदाज में जवाब देते हुए बताया कि वह घरेलू और कामर्शियल सिलेंडर अलग-अलग गैस एजेंसी के कर्मचारियों से जुटाता था। ऐसे में एजेंसी के साथ साथ पूर्ति विभाग की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े होते हैं। विभाग अक्सर छोटे होटल ढाबों पर छापेमारी कर सिलेंडर जब्त करता है, जबकि यहां एक साथ 22 सिलेंडर मिले। विभाग को इसकी भनक ही नहीं लगी।