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बदन तोड़ बुखार, अस्पतालों में मरीजों की लग रही कतार
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मौसम बदले हुए करीब एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत गया है। इसके बाद भी मौसम के बदलाव के साथ होने वाले वायरल से लोगों को छुटकारा नहीं मिला रहा है। सरकार और निजी अस्पतालों में वायरल से पीड़ित मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। खास बात यह है कि पीड़ित लोगों में डेंगू और चिकगुनिया के लक्षण दिखाई दे रहे, पर जांच में रिपोर्ट इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अक्तूबर शुरू होते ही मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी। इसके साथ शहर से लेकर देहात में वायरल भी तेजी के साथ फैला। शुरूआत में इस वायरल को हर साल मौसम बदलाव के साथ होने की तरह लिया गया। पर अब करीब एक महीना बीत चुका है और लोगों को वायरल से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। हर जगह शायद ही कोई परिवार ऐसा होगा जहां कोई वायरल से पीड़ित न हो। दीपावली के बाद मौसम बदल गया। सुबह और शाम को ठंडा हो गया है। इसके बाद भी वायरल पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार पीड़ित दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संदीप टंडन ने बताया कि अधिकतर मरीजों में डेंगू और चिकनगुनिया जैसे लक्षण तो दिख रहे हैं, लेकिन जांच करवाने पर इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। रोजाना एक से दो मरीजों में ही इन बीमारियों की पुष्टि हो रही है। उनका कहन है कि इस वायरल में एंटीबायोटिक दवा भी असर नहीं कर रही है।
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बुखार उतर रहा तो बदन दर्द कर रहा परेशान
डॉ. संदीप टंडन के मुताबिक इस समय जो बुखार फैला हुआ वह कम से कम हफ्ते से दस दिन के बाद ही ठीक हो रहा है। ठीक होने के बाद भी दिन में उतरता तो रात को फिर होता है। बुखार खत्म होने के महीने भर तक थकान और बदन दर्द की शिकायत पीड़ित कर रहे हैं। हाथ और पांवों में कई दिन तक दर्द बना हुआ है। पीठ दर्द की शिकायत कर कोई पीड़ित कर रहा है। मरीजों की प्लेटलेट्स गिरने से थकान की समस्या आ रही है। बुजुर्ग जोड़ों की दर्द से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी जा रही है।
अधिकतर बुखार पीड़ित नए वायरस की चपेट में है। मौसम बदलने के साथ यूपी और उत्तराखंड में नए वायरस तेजी से फैल रहा है। जिले में अभी तक बुखार से किसी मरीज के मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. चंदन मिश्रा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
बुखार से पीड़ित मरीज दवा तो ले रहे हैं, लेकिन बेड रेस्ट नहीं कर रहे हैं। इससे उनमें थकान और बदन एवं जोड़ों में दर्द की शिकायत हो रही है। अधिकतर मरीजों के नाभि के निचले हिस्से के अंगों में दर्द की शिकायत हो रही है। फिजिशियन डा. राम प्रकाश के मुताबिक मरीजों को दवा लेने के साथ आराम करना जरूरी है। सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने जरूरी है।
क्या करें
- बुखार की शिकायत पर जांच जरूर कराएं
- दवा के साथ बेड रेस्ट जरूर करें
- ताजा खाना खाएं
- रसदार फल और रेशेदार सब्जियां खाएं
- दूध, मौसमी का जूस, इलेक्ट्रॉल पीयें
- भरपूर मात्रा में पानी पीयें
- उबला पानी पीयें
क्या न करें
- फास्ट फूड न खाएं
- तेल वाले खाद्य पदार्थों को खाने से परहेज रखें
- बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक न लें
- परिवार के अन्य लोगों से साथ न रहें
- फ्रिज का ठंडा पानी न पीयें
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अक्तूबर शुरू होते ही मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी। इसके साथ शहर से लेकर देहात में वायरल भी तेजी के साथ फैला। शुरूआत में इस वायरल को हर साल मौसम बदलाव के साथ होने की तरह लिया गया। पर अब करीब एक महीना बीत चुका है और लोगों को वायरल से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। हर जगह शायद ही कोई परिवार ऐसा होगा जहां कोई वायरल से पीड़ित न हो। दीपावली के बाद मौसम बदल गया। सुबह और शाम को ठंडा हो गया है। इसके बाद भी वायरल पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार पीड़ित दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संदीप टंडन ने बताया कि अधिकतर मरीजों में डेंगू और चिकनगुनिया जैसे लक्षण तो दिख रहे हैं, लेकिन जांच करवाने पर इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। रोजाना एक से दो मरीजों में ही इन बीमारियों की पुष्टि हो रही है। उनका कहन है कि इस वायरल में एंटीबायोटिक दवा भी असर नहीं कर रही है।
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बुखार उतर रहा तो बदन दर्द कर रहा परेशान
डॉ. संदीप टंडन के मुताबिक इस समय जो बुखार फैला हुआ वह कम से कम हफ्ते से दस दिन के बाद ही ठीक हो रहा है। ठीक होने के बाद भी दिन में उतरता तो रात को फिर होता है। बुखार खत्म होने के महीने भर तक थकान और बदन दर्द की शिकायत पीड़ित कर रहे हैं। हाथ और पांवों में कई दिन तक दर्द बना हुआ है। पीठ दर्द की शिकायत कर कोई पीड़ित कर रहा है। मरीजों की प्लेटलेट्स गिरने से थकान की समस्या आ रही है। बुजुर्ग जोड़ों की दर्द से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी जा रही है।
अधिकतर बुखार पीड़ित नए वायरस की चपेट में है। मौसम बदलने के साथ यूपी और उत्तराखंड में नए वायरस तेजी से फैल रहा है। जिले में अभी तक बुखार से किसी मरीज के मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. चंदन मिश्रा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
बुखार से पीड़ित मरीज दवा तो ले रहे हैं, लेकिन बेड रेस्ट नहीं कर रहे हैं। इससे उनमें थकान और बदन एवं जोड़ों में दर्द की शिकायत हो रही है। अधिकतर मरीजों के नाभि के निचले हिस्से के अंगों में दर्द की शिकायत हो रही है। फिजिशियन डा. राम प्रकाश के मुताबिक मरीजों को दवा लेने के साथ आराम करना जरूरी है। सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने जरूरी है।
क्या करें
- बुखार की शिकायत पर जांच जरूर कराएं
- दवा के साथ बेड रेस्ट जरूर करें
- ताजा खाना खाएं
- रसदार फल और रेशेदार सब्जियां खाएं
- दूध, मौसमी का जूस, इलेक्ट्रॉल पीयें
- भरपूर मात्रा में पानी पीयें
- उबला पानी पीयें
क्या न करें
- फास्ट फूड न खाएं
- तेल वाले खाद्य पदार्थों को खाने से परहेज रखें
- बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक न लें
- परिवार के अन्य लोगों से साथ न रहें
- फ्रिज का ठंडा पानी न पीयें