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पत्नी की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
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पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपी पति को दोषी पाते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शहंशाह मोहम्मद दिलबर दानिश ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि वादी भोला ने 16 दिसंबर 2017 को कोतवाली नगर में अपने जीजा नीरज पुत्र हरी सिंह निवासी केशु नगला थाना गोंडा जिला अलीगढ़ यूपी, हाल निवासी दूधियाबंद प्लॉट नंबर एक स्थित झोपड़ी हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने बताया था कि वर्ष 2009 में उसकी बहन बबीता की शादी नीरज से हुई थी। शादी के बाद से ही नीरज उसकी बहन के साथ मारपीट करता था। घटना से एक दिन पहले नीरज का फोन दूसरे जीजा राम अवतार के पास आया था। बताया था कि मैं हरिद्वार में हूं और बबीता चारपाई पर से गिरकर मर गई है।
राम अवतार की सूचना पर परिजन दूधिया बंद प्लॉट नंबर एक स्थित झोपड़ी में पहुंचे थे। देखा कि बबीता के गले और माथे पर चोट के निशान थे। नीरज से हत्या के बारे में मालूम करने पर वह कुछ भी नहीं बता पाया था। जिसके बाद परिजनों ने आरोपी नीरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी नीरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने साक्ष्य में 12 गवाह पेश किए।
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मामले में सुनवाई के दौरान गवाह शिकायतकर्ता भोला राम व उसके परिजन अपने बयानों से से मुकर गए थे। जबकि अन्य गवाहों ने आरोपी नीरज के खिलाफ गवाही दी थी। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने नीरज को पत्नी की हत्या करने के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने बताया कि वादी भोला ने 16 दिसंबर 2017 को कोतवाली नगर में अपने जीजा नीरज पुत्र हरी सिंह निवासी केशु नगला थाना गोंडा जिला अलीगढ़ यूपी, हाल निवासी दूधियाबंद प्लॉट नंबर एक स्थित झोपड़ी हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने बताया था कि वर्ष 2009 में उसकी बहन बबीता की शादी नीरज से हुई थी। शादी के बाद से ही नीरज उसकी बहन के साथ मारपीट करता था। घटना से एक दिन पहले नीरज का फोन दूसरे जीजा राम अवतार के पास आया था। बताया था कि मैं हरिद्वार में हूं और बबीता चारपाई पर से गिरकर मर गई है।
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राम अवतार की सूचना पर परिजन दूधिया बंद प्लॉट नंबर एक स्थित झोपड़ी में पहुंचे थे। देखा कि बबीता के गले और माथे पर चोट के निशान थे। नीरज से हत्या के बारे में मालूम करने पर वह कुछ भी नहीं बता पाया था। जिसके बाद परिजनों ने आरोपी नीरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी नीरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह चौहान ने साक्ष्य में 12 गवाह पेश किए।
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मामले में सुनवाई के दौरान गवाह शिकायतकर्ता भोला राम व उसके परिजन अपने बयानों से से मुकर गए थे। जबकि अन्य गवाहों ने आरोपी नीरज के खिलाफ गवाही दी थी। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने नीरज को पत्नी की हत्या करने के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।