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कुमार स्वामी को अपने मंच पर न बैठाएं शंकराचार्य
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:33 PM IST
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हरिद्वार में सत्संग कर रहे महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी की ओर से हनुमान चालीसा और कुंभ स्नान को लेकर की गई टिप्पणी से नाराज संतों ने बैठक कर नाराजगी जताई। कहा कि कुमार स्वामी ने सनातन परंपरा का अपमान किया है। जगद्गुरु शंकराचार्य को चाहिए कि वे उन्हें अपने मंच पर न बैठाएं।
कुमार स्वामी की ओर से प्रकाशित कुछ तथ्यों को लेकर भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने आपत्ति जताते हुए उन्हें शास्त्रार्थ की चुनौती दी थी। रविवार को भूमानंद आश्रम में हुई संतों की बैठक में कुमार स्वामी की निंदा की गइ्र। कहा कि उनका यह तर्क कि उनके सत्संग में कुंभ से ज्यादा पुण्य मिलता है और हनुमान चालीसा को लेकर की गई टप्पिणी आपत्तिजनक है। यह सनातन परंपरा का अपमान है।
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स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि बीज मंत्र का उच्चारण कभी भी किसी मंच से नहीं किया जा सकता। ऐसा करके कुमार स्वामी धार्मिक मान्यताओं का उल्लंघन कर रहे हैं। हनुमान चालीसा कुमार स्वामी के जन्म से भी पहले से पढ़ी जा रही है। कैसे यह दावा किया जा सकता है कि उनके सत्संग में हनुमान चालीसा से भी ज्यादा पौरुष है। बैठक में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आग्रह किया कि वे कुमार स्वामी को अपने मंच पर न बैठाएं।
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बैठक में संत निगम बोध तीर्थ महाराज, स्वामी प्रबोधानंद गिरि, स्वामी सत्यव्रतानंद, महंत विनोद महाराज, स्वामी प्रेमानंद, महंत सच्चिदानंद, स्वामी संतोषानंद देव, स्वामी विद्यानंद सरस्वती, स्वामी महेश्वरानंद आदि मौजूद रहे।