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स्व. कमला आडवाणी की अस्थियां गंगा में विसर्जित
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:29 AM IST
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कमला अाडवाण्ाी की अस्थियां विसजिऱ्त
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने परिजनों के साथ रविवार की सुबह हरिद्वार पहुंचकर हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड में अपनी पत्नी स्व. कमला आडवाणी की अस्थियां प्रवाहित की।
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स्व. कमला आडवाणी का 6 अप्रैल को निधन हो गया था। लालकृष्ण आडवाणी और उनके साथ आए परिजनों को कारों और बस से देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे से सड़क मार्ग से रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हरकी पैड़ी लाया गया, जहां उनके तीर्थ पुरोहित मणिकांत मिश्र की देखरेख में पंडित नीरज श्रीकुंज ने वैदिक परंपरानुसार अस्थियों का विसर्जन कराया। अस्थि विसर्जन आडवाणी के पुत्र जयंत आडवाणी ने किया। इस दौरान उनकी पुत्रवधू गीतिका, पौत्री नव्या, पुत्री प्रतिभा आडवाणी समेत करीब 40 रिश्तेदार मौजूद थे।
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इनके अलावा परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, सांसद जगदंबिका पाल, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा के जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर, पूर्व मंत्री मदन कौशिक, विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, ओमप्रकाश जमदग्रि, आशुतोष शर्मा, नरेश शर्मा, आशु चौधरी, कन्हैया खेवडिया व अश्विनी पाल समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने स्व. कमला आडवाणी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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पेड़ के रूप में बनेगी कमला आडवाणी का स्मृति
हरिद्वार। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में भाग लेने आए परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि ने बताया कि कुछ अस्थियों को गंगा में प्रवाहित नहीं किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि इन अस्थियों को परमार्थ निकेतन आश्रम परिसर में जमीन में गड्ढा खोदकर डालने के बाद इनके ऊपर एक पेड़ लगाया जाएगा ताकि स्थायी स्मृति के रूप में परिजन अपनी प्रिय परिजन को पेड़ के रूप में देख सकें। उन्होंने बताया कि यह गंगा में अस्थि विसर्जन बंद करने का एक बेहतर विकल्प हो सकेगा।