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सीवर लाइन को मान चुके थे खत्म, 20 साल दोबारा चालू
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ज्वालापुर स्थित पांवधोई में 50 साल पुरानी जिस सीवर लाइन को विभाग के अधिकारी खराब और बंद बताते रहे, वही लाइन 20 साल बाद दोबारा से चालू हो गई। सीएम हेल्पलाइन पर तीन बार शिकायत के बाद विभाग हरकत में आया। सड़क के करीब डेढ़ मीटर नीचे दबे चेंबरों को ढूंढकर लाइन की सफाई करवाई गई। इस लाइन के दोबारा चालू होने से लोगों को राहत मिल गई है।
पांवधोई निवासी अहसान अंसारी ने सीवर की समस्या को लेकर तीन बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब 50 साल पुरानी सीवर लाइन सफाई कराने के बाद चालू हो सकती है। लेकिन, पहली बार में शिकायत दर्ज करने के बाद जल संस्थान अनुरक्षण (गंगा) के अधिकारी लाइन को खराब और बंद बताते हुए दूसरी लाइन डाले जाने की बात कहते रहे। इसके बावजूद तीसरी बार शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद अपर सहायक अभियंता अशोक सिंह ने मौके पर पहुंचकर लाइन को ढूंढकर सफाई कराने की बात कही। सीवर के चेंबर को ढूंढना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क के करीब डेढ़ मीटर नीचे दबे सीवर चेंबरों को ढूंढ निकाला गया। इसके बाद लाइन की सफाई की गई। करीब 82 मीटर लंबी लाइन मिट्टी आदि से पूरी तरह बंद हो चुकी थी। लाइन की सफाई कर इसे दोबारा से चालू कराया गया। अपर सहायक अभियंता अशोक सिंह ने बताया कि सीवर लाइन की सफाई और चेंबर को ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं था। इस लाइन को विभाग भी डैमेज मान चुका था। अब लाइन चालू हो गई।
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पांवधोई निवासी अहसान अंसारी ने सीवर की समस्या को लेकर तीन बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब 50 साल पुरानी सीवर लाइन सफाई कराने के बाद चालू हो सकती है। लेकिन, पहली बार में शिकायत दर्ज करने के बाद जल संस्थान अनुरक्षण (गंगा) के अधिकारी लाइन को खराब और बंद बताते हुए दूसरी लाइन डाले जाने की बात कहते रहे। इसके बावजूद तीसरी बार शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद अपर सहायक अभियंता अशोक सिंह ने मौके पर पहुंचकर लाइन को ढूंढकर सफाई कराने की बात कही। सीवर के चेंबर को ढूंढना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क के करीब डेढ़ मीटर नीचे दबे सीवर चेंबरों को ढूंढ निकाला गया। इसके बाद लाइन की सफाई की गई। करीब 82 मीटर लंबी लाइन मिट्टी आदि से पूरी तरह बंद हो चुकी थी। लाइन की सफाई कर इसे दोबारा से चालू कराया गया। अपर सहायक अभियंता अशोक सिंह ने बताया कि सीवर लाइन की सफाई और चेंबर को ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं था। इस लाइन को विभाग भी डैमेज मान चुका था। अब लाइन चालू हो गई।
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