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भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में बेजोड़ : अच्युतानंद तीर्थ
hridwar uttrakhanda india
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:59 PM IST
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भारतीय संस्कृति बेजोड़
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। नव संवत्सर की पहली संध्या पर ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजित सांस्कृतिक संध्या आध्यात्मिक और देश भक्ति के गीतों से गूूंज उठी। युवाओं ने सुरों के माध्यम से देश और भारतीय संस्कृति से परिपूर्ण माहौल को चित्रित कर दिया।
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शुक्रवार की देर शाम कनखल स्थित गौतम फार्म में आयोजित संध्या का शुभारंभ भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में बेजोड़ है। अंग्रेजी नव वर्ष पश्चिमी सभ्यता का संवाहक है जबकि नव संवत्सर भारतीय संस्कृति का परिचायक है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाया जाना बेहद जरूरी है। युवाओं को पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित होकर अपनी संस्कृति से विमुख नहीं होना चाहिए। गुरुकुल महाविद्यालय के कुलपति डा. हरिगोपाल शास्त्री ने नव संवत्सर के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम को ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पं. अधीर कौशिक, समाजसेवी जगदीश पाहवा, अनिल गोयल, आशीष झा, बिजनौरी महासभा के अध्यक्ष बलराम सिंह, सुमन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान दीपक,काजल, वर्षा, वंदना, अजय प्रकाश सहित कई बच्चों ने प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोहा। संचालन गुरुकुल महाविद्यालय के कुलसचिव अजय कौशिक ने किया। आयोजकों की ओर से आचार्य करुणेश मिश्र, पुलकित मिश्रा, पवन कृष्ण शास्त्री रजत अग्रवाल, रोहित शर्मा, आशू शर्मा, शशांक सिखौला, दीपक त्यागी, विकास चौहान, सचिन कौशिक आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
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