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हरिद्वार में धड़ल्ले से बिक रही पॉलीथिन
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:05 PM IST
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हरिद्वार में पॉलीथिन तथा प्लास्टिक के प्रयोग पर एनजीटी की ओर से लगाई गई रोक तथा खुद मुख्य सचिव के आदेशों के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शहर में इन दिनों कांवड़ का मेला चल रहा है और इस दौरान हरकी पैड़ी क्षेत्र में जमकर पॉलीथिन और प्लास्टिक का प्रयोग किया जा रहा है। शासन की ओर से पॉलीथिन की खरीद फरोख्त करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी देने के बाद भी अधिकारियों की दृढ़ इच्छा शक्ति के अभाव में इन आदेशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा हैं।
हरिद्वार में गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने तथा गंगा घाटों पर पॉलीथिन और प्लास्टिक से बना सामान बेचने पर एनजीटी की ओर से कई बार सख्त आदेश दिए गए। प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से भी इस बारे में विभिन्न नोडल एजेंसियों तथा विभागों को प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए गए है लेकिन हालात नहीं सुधरे। कई बार प्रशासन ने अभियान चलाने की घोषणा की। इस बारे में कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी भी बांट दी लेकिन अभी भी गंगाघाटों पर पॉलीथिन तथा प्लास्टिक से बने बैग लगातार बिक रहे हैं। प्लास्टिक से बनी गंगाजलि और अन्य सामान की बिक्री भी यथावत जारी है। शनिवार को कांवड़ के मेले में हरकी पैड़ी तथा उसके आसपास के क्षेत्रों मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, नाईसोता, रोडी बेलवाला आदि में ऐसे सामान की बिक्री लगातार जारी रही।
बस स्टैंड परिसर में पॉलीथिन प्रतिबंधित, लगेगा जुर्माना
मुख्य सचिव के आदेशों के अनुपालन में परिवहन निगम प्रशासन ने स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड परिसर में किसी भी तरह की पॉलीथिन तथा प्लास्टिक से बना सामान बेचने पर रोक लगा दी है। निगम के अपर क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चौहान ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेशों के अनुपालन में यह व्यवस्था की गई है। परिसर में बकायदा नोटिस चस्पा करके तथा एनाउंसमेंट कराकर सभी दुकानदारों, चालक- परिचालकों आदि को इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर कोई प्लास्टिक से बना सामान बेचता पाया गया तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आदेश का अनुपालन तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
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नगर निगम ठेका देकर बिकवाता है पॉलीथिन
प्लास्टिक एवं पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को लेकर हाईकोर्ट का दूसरी बार आदेश आया है। इससे पूर्व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) भी गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए प्लास्टिक, पॉलीथिन तथा थर्माकोल से लेकर पर्यावरण के लिए हानिकारक अन्य डिस्पोजल सामान को हर की पैड़ी क्षेत्र में गंगा किनारे बेचने तथा उपयोग किए जाने पर रोक लगाने के आदेश दे चुका है। इसके बावजूद हर की पैड़ी क्षेत्र में प्लास्टिक व पॉलीथिन बेचने का कारोबार बेधड़क हो रहा है तो इसकी वजह नगर निगम है। उसके ठेकेदार ही गंगाघाटों पर प्लास्टिक व पॉलीथिन प्रतिबंधित सामान बेचते हैं।
राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कुछ लोग हर की पैड़ी क्षेत्र में फूल बेचने का ठेका लेते हैं और फूलों की आड़ में ही प्लास्टिक व पॉलीथिन बेचा जाता है। नगर निगम के ठेकेदारों के फूलों के ठेका स्थलों पर हर समय प्लास्टिक के डिब्बे, चटाई, पॉलीथिन की थैलियों में प्रसाद आदि सामान मिल जाता है। कहने के लिए अधिकारी फूलों का ही ठेका देते हैं, परंतु उनके और ठेकेदारों के बीच इस बात को लेकर सहमति रहती है कि प्लास्टिक व पॉलीथिन भी बेचते रहे हैं। जिस दिन नगर निगम अधिकारी तय कर लेंगे की हर की पैड़ी क्षेत्र में फूलों की आड़ में प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्माकोल आदि गंदगी बढ़ाने वाला डिस्पोजल सामान बिकने नहीं दिया जाएगा। उसी दिन फूलों को ठेका लेने वाले ठेकेदार नगर निगम का ठेका छोड़ देंगे। ठेका चलता रहे है इसलिए नगर निगम एनजीटी व हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करा पाता है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई विभिन्न विभागों की संयुक्त कमेटी भी कुछ नहीं कर पाई है। एनजीटी को दिखाने के लिए एक दिन टीम गई और व्यापारियों से विरोध कराकर लौट आई। हालांकि नगर आयुक्त अशोक पांडेय का कहना है कि फूलों का ठेका रहे या न रहे, परंतु हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेश का अनुपालन कराने के सभी उपाय किए जाएंगे।
हरिद्वार में गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने तथा गंगा घाटों पर पॉलीथिन और प्लास्टिक से बना सामान बेचने पर एनजीटी की ओर से कई बार सख्त आदेश दिए गए। प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से भी इस बारे में विभिन्न नोडल एजेंसियों तथा विभागों को प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए गए है लेकिन हालात नहीं सुधरे। कई बार प्रशासन ने अभियान चलाने की घोषणा की। इस बारे में कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी भी बांट दी लेकिन अभी भी गंगाघाटों पर पॉलीथिन तथा प्लास्टिक से बने बैग लगातार बिक रहे हैं। प्लास्टिक से बनी गंगाजलि और अन्य सामान की बिक्री भी यथावत जारी है। शनिवार को कांवड़ के मेले में हरकी पैड़ी तथा उसके आसपास के क्षेत्रों मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, नाईसोता, रोडी बेलवाला आदि में ऐसे सामान की बिक्री लगातार जारी रही।
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बस स्टैंड परिसर में पॉलीथिन प्रतिबंधित, लगेगा जुर्माना
मुख्य सचिव के आदेशों के अनुपालन में परिवहन निगम प्रशासन ने स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड परिसर में किसी भी तरह की पॉलीथिन तथा प्लास्टिक से बना सामान बेचने पर रोक लगा दी है। निगम के अपर क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चौहान ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेशों के अनुपालन में यह व्यवस्था की गई है। परिसर में बकायदा नोटिस चस्पा करके तथा एनाउंसमेंट कराकर सभी दुकानदारों, चालक- परिचालकों आदि को इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर कोई प्लास्टिक से बना सामान बेचता पाया गया तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आदेश का अनुपालन तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
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नगर निगम ठेका देकर बिकवाता है पॉलीथिन
प्लास्टिक एवं पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को लेकर हाईकोर्ट का दूसरी बार आदेश आया है। इससे पूर्व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) भी गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए प्लास्टिक, पॉलीथिन तथा थर्माकोल से लेकर पर्यावरण के लिए हानिकारक अन्य डिस्पोजल सामान को हर की पैड़ी क्षेत्र में गंगा किनारे बेचने तथा उपयोग किए जाने पर रोक लगाने के आदेश दे चुका है। इसके बावजूद हर की पैड़ी क्षेत्र में प्लास्टिक व पॉलीथिन बेचने का कारोबार बेधड़क हो रहा है तो इसकी वजह नगर निगम है। उसके ठेकेदार ही गंगाघाटों पर प्लास्टिक व पॉलीथिन प्रतिबंधित सामान बेचते हैं।
राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कुछ लोग हर की पैड़ी क्षेत्र में फूल बेचने का ठेका लेते हैं और फूलों की आड़ में ही प्लास्टिक व पॉलीथिन बेचा जाता है। नगर निगम के ठेकेदारों के फूलों के ठेका स्थलों पर हर समय प्लास्टिक के डिब्बे, चटाई, पॉलीथिन की थैलियों में प्रसाद आदि सामान मिल जाता है। कहने के लिए अधिकारी फूलों का ही ठेका देते हैं, परंतु उनके और ठेकेदारों के बीच इस बात को लेकर सहमति रहती है कि प्लास्टिक व पॉलीथिन भी बेचते रहे हैं। जिस दिन नगर निगम अधिकारी तय कर लेंगे की हर की पैड़ी क्षेत्र में फूलों की आड़ में प्लास्टिक, पॉलिथीन, थर्माकोल आदि गंदगी बढ़ाने वाला डिस्पोजल सामान बिकने नहीं दिया जाएगा। उसी दिन फूलों को ठेका लेने वाले ठेकेदार नगर निगम का ठेका छोड़ देंगे। ठेका चलता रहे है इसलिए नगर निगम एनजीटी व हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करा पाता है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई विभिन्न विभागों की संयुक्त कमेटी भी कुछ नहीं कर पाई है। एनजीटी को दिखाने के लिए एक दिन टीम गई और व्यापारियों से विरोध कराकर लौट आई। हालांकि नगर आयुक्त अशोक पांडेय का कहना है कि फूलों का ठेका रहे या न रहे, परंतु हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेश का अनुपालन कराने के सभी उपाय किए जाएंगे।