{"_id":"63d40734be0afd235b2e823c","slug":"haridwar-dhirendra-krishna-shastri-met-acharya-balakrishna-2023-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: आचार्य बालकृष्ण से मिले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, संतों को दिया यज्ञ का निमंत्रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: आचार्य बालकृष्ण से मिले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, संतों को दिया यज्ञ का निमंत्रण
Sat, 28 Jan 2023 11:46 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला, माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार
अमर उजाला, माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 28 Jan 2023 11:46 AM IST
सार
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर शुक्रवार को अपने यहां 13 से 19 फरवरी को आयोजित होने वाले यज्ञ का हरिद्वार के संत समाज को निमंत्रण देने आए थे। सुबह हरिद्वार दिव्य मंदिर आश्रम में कुछ समय रुकने के बाद वह आचार्य बालकृष्ण के साथ ब्यासी चले गए। मीडिया को इसकी भनक तक नहीं लगी।
विज्ञापन
आचार्य बालकृष्ण से मिले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार देर रात हरिद्वार आचार्य बालकृष्ण के कनखल दिव्य मंदिर आश्रम पहुंचे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आश्रम पहुँचने पर भव्य स्वागत हुआ। शास्त्री शुक्रवार पूरे दिन आचार्य बालकृष्ण के साथ ऋषिकेश स्थिति ब्यासी में रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर शुक्रवार को अपने यहां 13 से 19 फरवरी को आयोजित होने वाले यज्ञ का हरिद्वार के संत समाज को निमंत्रण देने आए थे। सुबह हरिद्वार दिव्य मंदिर आश्रम में कुछ समय रुकने के बाद वह आचार्य बालकृष्ण के साथ ब्यासी चले गए। मीडिया को इसकी भनक तक नहीं लगी। पूरा कार्यक्रम गोपनीय रखा गया। पूरे दिन बालकृष्ण के ब्यासी में रहे। ब्यासी से शास्त्री ने आचार्य बालकृष्ण के साथी अपने फेसबुक से वीडियो भी जारी किया था। देर रात शास्त्री और बालकृष्ण के साथ कनखल दिव्य मंदिर आश्रम पहुंचे।
विज्ञापन
शास्त्री का भव्य स्वागत हुआ। कहा कि हरिद्वार आकर अद्भुत लगा। आचार्य बालकृष्ण बड़े भाई हैं। देर रात शास्त्री हरिद्वार से छतरपुर के लिए चले गए। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आज दोनों को अच्छा लगा। कहा कि दोनों की विधाएं अलग हैं, लेकिन मार्ग एक है। दोनों ने उन्हीं विधाओं पर चर्चा की। कहा कि सनातन विधि हमारे ऋषियों का मार्ग है। लोगों के जीवन को सुगम किस तरह से बनाया जा सकता है उसके लिए और बेहतरी से काम किया जाएगा।