{"_id":"647a44c316e58ea1fa0f2814","slug":"haridwar-ban-on-coming-to-daksh-temple-wearing-short-clothes-2023-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar : दक्ष मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने पर पाबंदी, अखाड़ा परिषद ने फिर जारी की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar : दक्ष मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने पर पाबंदी, अखाड़ा परिषद ने फिर जारी की अपील
Sat, 03 Jun 2023 01:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Jun 2023 01:06 AM IST
सार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने श्रद्धालुओं के लिए इस संबंध में एक वीडियो जारी किया है।
विज्ञापन
श्रीमहंत रविंद्रपुरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरिद्वार के दक्ष प्रजापति मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने वाली महिलाओं और युवतियों को दर्शनों से रोका जा सकता है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने श्रद्धालुओं के लिए इस संबंध में एक वीडियो जारी किया है। श्रीमहंत ने अपील करते हुए कहा कि मंदिर में 80 फीसदी शरीर ढके कपड़े पहनकर ही महिलाएं और युवतियां दर्शन के लिए आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आजकल समाज में जो प्रचलन चल रहा है कि उस पर सचेत रहने की आवश्यकता है। जो माताएं, बहनें और कन्याएं मंदिर आती हैं उनके वस्त्रों का पहनावा ठीक होना चाहिए। कई बार मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने वाली महिलाओं और कन्याओं को देखकर लोग असहज महसूस करते हैं जिससे समाज में अच्छा संदेश नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी।
विज्ञापन
महंत ने कहा कि युवा अवस्था के बच्चे हर तरह की बुराई के तरफ आकर्षित होते हैं। इस पर अंकुश लगना आवश्यक है। बच्चों के परिवार के लोग उनको समझाएं। श्रीमहंत ने कहा कि पहले भी कई बार शरीर ढके कपड़े पहनकर मंदिर आने की अपील कर चुके हैं लेकिन अब कांवड़ मेले को देखते हुए फिर से अपील जारी कर रहे हैं। मंदिर में 80 फीसदी शरीर ढके कपड़े पहनकर आने वालों को ही दर्शन करने दिए जाएंगे।