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गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति के खिलाफ मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Sun, 10 Jul 2016 11:25 PM IST
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हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेंद्र कुमार पर आखिरकार डिग्रियों को लेकर चले रहे विवाद में कानूनी शिकंजा कस गया। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर की जांच के बाद एसएसपी राजीव स्वरुप के आदेश पर कुलपति के खिलाफ रविवार शाम कनखल थाने में धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया।
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सहारनपुर के गांव मझौल जबरदस्तपुर देवबंद के रहने वाले हरिफल पुत्र रामस्वरुप की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। रविवार शाम हरिफल की ओर से दर्ज मुकदमे में बताया गया कि कुलपति की जन्मतिथि 12 जनवरी वर्ष 1951 है। उन्होंने वर्ष 1962 में श्रीमद दयानंद आर्य विद्यापीठ गुरुकुल झज्जर हरियाणा से मध्यमा (हाईस्कूल) पास की है जबकि वर्ष 1968 में उस संस्था में मध्यमा का कोर्स शुरू हुआ है। आरोप है कि ठीक इसी तरह वर्ष 1969 से 1970 के बीच पंजाब यूर्निवसिटी चंडीगढ़ से विशारद (इंटरमीडिएट), शास्त्री (बीए) एवं गुरुकुल महाविद्यालय हरिद्वार से विद्या भास्कर (बीए) कराना दर्शाया है। ये सभी कोर्स दो वर्ष के थे, एक समय में उन्होंने तीन कोर्स कैसे कर लिए। यही नहीं वर्ष 1964 में आचार्य (इंटरमीडिएट) महाविद्यालय गुरुकुल, झज्जर हरियाणा से करना बताया है जबकि उस महाविद्यालय में कभी यह कोर्स था ही नहीं। इसके अलावा 14 वर्ष की आयु में वेद वाचस्पति (एमए) की डिग्री भी झज्जर महाविद्यालय से लेना दर्शाया है। आरोप है कि यह स्वयं ही कूटरचित को दर्शाती है। एसओ कनखल रितेश शाह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर कुलपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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गुरुकुल की यही व्यवस्था थी। जैसे हमें पढ़ाया, फिर डिग्रियां दी गई। मैने सत्यापन भी कराकर डिग्रियां दे दी थी। एक विवाद इसी संबंध में हाईकोर्ट में भी चल रहा है। मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि, यह लोग ऐसा क्यों कर रहे है।
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- सुरेंद्र कुमार, कुलपति, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय