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सरकार हटते ही लालबत्ती गुल
hridwar uttrakhanda india
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:20 PM IST
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हरिद्वार। राष्ट्रपति शासन लागू होते ही सत्ता का सुख भोग रहे सभी नेता पैदल हो गए हैं। इनमें अपदस्थ मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा से लेकर स्थानीय स्तर की समितियों में सदस्य बनाए गए लोग भी शामिल हैं।
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हरिद्वार जिले में इस समय मंत्री स्तर के दायित्वधारियों से लेकर स्थानीय समितियों तक में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं को पद से नवाजा गया था। प्रमुख रूप से अपदस्थ मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, प्रधानमंत्री सड़क योजना के उपाध्यक्ष संजय पालीवाल, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि, एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष पूर्व सांसद हरपाल सिंह साथी, अन्य पिछड़ा परिषद के उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह, घाड़ विकास परिषद के अध्यक्ष राव फरमूद, उपाध्यक्ष अरुण त्यागी, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सुबोध राकेश, राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष राव शेर मौहम्मद, जिला ऊर्जा संरक्षण और संवर्धन समिति के उपाध्यक्ष राजेश रस्तौगी समेत आदि शामिल है। इनमें से कई नेता तो ऐसे हैं जिन्हें चार महीने पहले पंचायत चुनावों के समय ही दायित्व दिए गए थे। राष्ट्रपति शासन लागू होते ही इन सब की सुविधाओं पर भी ताला लग गया है। इन सबके अलावा विधायकों को दिए गए अतिरिक्त दायित्व भी खत्म हो गए हैं। इनमें राज्य खनिज विकास परिषद के अध्यक्ष कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, पर्यटन सलाहकार प्रदीप बत्रा, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के चेयरमैन हरिदास, गन्ना विकास परिषद के उपाध्यक्ष सरबत करीम अंसारी आदि शामिल हैं।
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