पिछले वर्ष गंगा रक्षा के लिए अनशन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले गंगापुत्र ज्ञानस्वरूप सानंद की पहली पुण्यतिथि पर भारत जागृति मिशन ने हरिद्वार स्थित पवन धाम में गोष्ठी की। इसमें उनके बलिदान को याद किया गया।
पावन धाम के परमाध्यक्ष स्वामी सहज प्रकाश ने कहा कि सानंद का जीवन मां गंगा के लिए समर्पित रहा। अपने प्राण भी उन्होंने मां गंगा की स्वच्छता के लिए त्याग दिए। जलपुरुष राजेंद्र सिंह सानंद के साथ बिताए अंतिम क्षणों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि स्वामी जी को भाजपा सरकार से गंगा के लिए काम करने की बहुत आशा थी, लेकिन जब उन्होंने देख लिया कि सरकार असंवेदनशील है तो उन्हें बहुत कष्ट हुआ। उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। गोष्ठी में तेलगु फिल्म अभिनेता पवन कल्याण ने कहा कि बहुत आश्चर्य की बात है कि मां गंगा के लिए स्वामी जी ने अनशन किया और प्राण त्याग दिए, लेकिन देश में कोई प्रतिक्रिया नही हुई। भारत जागृति मिशन के अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने कहा देशभर में स्वामी सानंद के संकल्प का प्रचार किया जाएगा और एक बड़ा आंदोलन चलाकर सरकार को मजबूर करेंगे की वो ज्ञानस्वरूप के मांग पत्र को लागू करे। इस अवसर पर विभाष मिश्रा, प्रो. विक्रम सोनी, सत्यनारायण, सुमित तिवारी, चंद्रमोहन सजवाण, ओपी चौहान, अशरफ अब्बासी, सुभाष कपिल, बसवराज पाटिल, सुरेश शर्मा, अनुज ब्रह्मचारी आदि रहे।