फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Freedom is lost to foreign companies plunder: Ramdev

विदेशी कंपनियों की लूट की भेंट चढ़ रही आजादी: रामदेव

Wed, 17 Aug 2016 12:33 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Wed, 17 Aug 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
Freedom is lost to foreign companies plunder: Ramdev
बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
विदेशी कंपनियों की लूट की भेंट चढ़ रही आजादी: रामदेव
हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ के सभी संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बाबा रामदेव ने शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए देश में स्वदेशी आंदोलन जोरदार ढंग से चलाने का संकल्प छात्रों से दिलाया।
बाबा रामदेव ने कहा कि शहीदों ने अपनी शहादत देकर जो आजादी हमें दिलाई थी वह विदेशी कंपनियों की लूट की भेंट चढ़ रही है। आज सैकड़ों विदेशी कंपनियां देश की आर्थिक शक्ति को खोखला कर रहीं हैं। हमें मिलकर देश को आर्थिक आजादी के लिए संघर्ष करना होगा। स्वतंत्रता दिवस पर आचार्यकुलम के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने राष्ट्रीय प्रेरणा वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आयोजित कबड्डी  प्रतियोगिता में बाबा रामदेव ने भी भाग लेकर बच्चों को प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन

----------------------
 असली आजादी अपने अंदर की बुराइयों से लेनी है : पंड्या
हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्री विद्यापीठ और शांतिकुंज के अलग-अलग परिसरों में स्वतंत्रता दिवस उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देव संस्कृति विवि में कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या, अधिष्ठात्री शैल दीदी ने और गायत्री विद्यापीठ में व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि असली आजादी अपने अंदर के कुविचारों और दोषों से लेनी है। उन्होंने शांतिकुंज के गंगा सफाई अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें दस लाख से अधिक स्वयंसेवक जुटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
शंकराचार्य ने किया ध्वजारोहण
हरिद्वार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने शंकराचार्य स्थित मठ में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन उन्होंने नजदीक से देखा है। वे 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल भी हुए और जेल भी गए। कहा कि अंग्रेजी शासन में देश को आर्थिक दृष्टि और सभी तरह से पंगु बना दिया था। ऐसी परिस्थितियों में देशवासियों के मन में स्वतंत्रता के लिए उत्कंठा जागृत हुई। कहा कि आज हम लंबे संघर्ष के बाद और अनेकों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान के फलस्वरूप आजादी से सांस ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed