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नगदी उड़ाने वाले चार दबोचे
अमर उजाला ब्यूरो बहादराबाद
Updated Sat, 11 Feb 2017 10:53 PM IST
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एटीएम कार्ड बदलकर खातों से रकम उड़ाने वाला एक गिरोह शनिवार को बहादराबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 40 एटीएम कार्ड और एक लाख रुपये की नगदी बरामद की है।
सीओ कनखल जयदेव आर्य ने शनिवार को बहादराबाद थाने में पत्रकार वार्ता में बताया कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी धीरेंद्र कुमार ऑक्टागन बिल्डर्स में शुक्रवार को सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी पर आया था। रुपयों की जरूरत होने पर धीरेंद्र नजदीक के पेट्रोल पंप पर लगे एटीएम से पैसे निकालने पहुंचा। एटीएम पर पहले से मौजूद चार युवकों ने उसके हाथ से कार्ड ले लिया और पैसे निकालने का तरीका बताने लगे। युवकों ने धीरेंद्र को बताया कि मशीन हैंग हो चुकी है और नगदी नहीं निकलेगी। उसके बाद धीरेंद्र लौट गया। चंद मिनट बाद ही मोबाइल पर खाते से 25 हजार रुपये निकलने का मैसेज देखकर धीरेंद्र के होश उड़ गए। पांच मिनट बाद छह हजार रुपये निकलने को लेकर दूसरा मैसेज मिला तो धीरेंद्र का माथा ठनका और वह सीधे थाने पहुंचा। जानकारी मिलने पर एसओ मणिभूषण श्रीवास्तव ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया। एक टीम ने कार का पीछा करते हुए आरोपियों को हाइवे पर धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम लोकेश पुत्र सुशील कुमार निवासी बुड्ढाखेड़ा फतेहपुर सहारनपुर, गौतम पुत्र भंवर सिंह, रवि कुमार पुत्र चंद्रपाल, मेनपाल पुत्र लहणा सिंह निवासीगण गांव मनोहरपुर सहारनपुर बताया। उनके कब्जे से एक लाख रुपये की नगदी और अलग अलग बैंकों के 40 एटीएम कार्ड बरामद हुए। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में थाना प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, मान सिंह नेगी, कांस्टेबल मनोज डोभाल, आदेश चौहान, जयवीर सिंह आदि शामिल रहे। सीओ जयदेव आर्य ने बताया कि पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की संस्तुति की गई है।
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अनजानाें को बनाते थे शिकार
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक गिरोह के रूप में काम करते थे। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी एटीएम की रैकी करते थे। अक्सर बुजुर्ग, महिलाओं और गांव के सीधे साधे लोगों को मदद का झांसा देकर अपना शिकार बनाते थे। तीन आरोपी शिकार को बातों में उलझाते थे और चौथा आरोपी मशीन को हैंग कर देता था। माना जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी एटीएम मशीन की तकनीकी जानकारी भी रखते हैं। इससे पहले वह सहारनपुर व मुजफ्फरनगर जिलों में भी एटीएम बदलकर चोरी की तमाम घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। सीओ जयदेव आर्य ने बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
सीओ कनखल जयदेव आर्य ने शनिवार को बहादराबाद थाने में पत्रकार वार्ता में बताया कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी धीरेंद्र कुमार ऑक्टागन बिल्डर्स में शुक्रवार को सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी पर आया था। रुपयों की जरूरत होने पर धीरेंद्र नजदीक के पेट्रोल पंप पर लगे एटीएम से पैसे निकालने पहुंचा। एटीएम पर पहले से मौजूद चार युवकों ने उसके हाथ से कार्ड ले लिया और पैसे निकालने का तरीका बताने लगे। युवकों ने धीरेंद्र को बताया कि मशीन हैंग हो चुकी है और नगदी नहीं निकलेगी। उसके बाद धीरेंद्र लौट गया। चंद मिनट बाद ही मोबाइल पर खाते से 25 हजार रुपये निकलने का मैसेज देखकर धीरेंद्र के होश उड़ गए। पांच मिनट बाद छह हजार रुपये निकलने को लेकर दूसरा मैसेज मिला तो धीरेंद्र का माथा ठनका और वह सीधे थाने पहुंचा। जानकारी मिलने पर एसओ मणिभूषण श्रीवास्तव ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया। एक टीम ने कार का पीछा करते हुए आरोपियों को हाइवे पर धर दबोचा।
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पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम लोकेश पुत्र सुशील कुमार निवासी बुड्ढाखेड़ा फतेहपुर सहारनपुर, गौतम पुत्र भंवर सिंह, रवि कुमार पुत्र चंद्रपाल, मेनपाल पुत्र लहणा सिंह निवासीगण गांव मनोहरपुर सहारनपुर बताया। उनके कब्जे से एक लाख रुपये की नगदी और अलग अलग बैंकों के 40 एटीएम कार्ड बरामद हुए। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में थाना प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह, मान सिंह नेगी, कांस्टेबल मनोज डोभाल, आदेश चौहान, जयवीर सिंह आदि शामिल रहे। सीओ जयदेव आर्य ने बताया कि पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की संस्तुति की गई है।
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अनजानाें को बनाते थे शिकार
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक गिरोह के रूप में काम करते थे। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी एटीएम की रैकी करते थे। अक्सर बुजुर्ग, महिलाओं और गांव के सीधे साधे लोगों को मदद का झांसा देकर अपना शिकार बनाते थे। तीन आरोपी शिकार को बातों में उलझाते थे और चौथा आरोपी मशीन को हैंग कर देता था। माना जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी एटीएम मशीन की तकनीकी जानकारी भी रखते हैं। इससे पहले वह सहारनपुर व मुजफ्फरनगर जिलों में भी एटीएम बदलकर चोरी की तमाम घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। सीओ जयदेव आर्य ने बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।