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बननी थी नहर बना दी सड़क
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:26 PM IST
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उत्तराखंड सिंचाई विभाग के स्वामित्व की करोड़ों रुपये की भूमि और नाला कब्जा लिया गया है। केंद्र सरकार में जल संसाधन मंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिस बिझौली नाला को कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नहर में परिवर्तित करना बनाना प्रस्तावित किया था। उस पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। कालोनाइजर करोड़ों की भूमि पर नाला पर प्लाटिंग और सड़क बनाकर कब्जा कर रहे हैं।
कब्जा की जा रही सिंचाई विभाग की भूमि और नाला का निरीक्षण कर लौटने पर सिंचाई विभाग के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने बताया कि हाईवे के साथ बिझौली रुड़की में लगभग 700 मीटर लंबाई एवं 20 से 24 मीटर चौड़ाई में प्लाटिंग की जा रही है और 60 फीट चौड़ाई की रोड बन रही है। सिंचाई विभाग रुड़की के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता ने जून माह में ही सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा किए जाने के विरुद्ध कार्रवाई के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को लिखित में पत्र दे दिया था।
जांच में यह बात भी सामने आई कि पीडब्ल्यूडी का एक जेई कालोनाइजरों से मिला हुआ है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के बंदोबस्त में नाला व जमीन सिंचाई विभाग के नाम है। एक बार जिलेदार कुलदीप रावत ने काम रुकवाया भी था, लेकिन फिर शुरू हो चुका है। उप राजस्व अधिकारी ने बताया कि प्रकरण को मुख्यालय व शासन के संज्ञान में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया नाले के हैड पर एक किमी तक सड़क बनने से नहर नहीं बन पाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा से वंचित रहना पड़ेेगा।
कब्जा की जा रही सिंचाई विभाग की भूमि और नाला का निरीक्षण कर लौटने पर सिंचाई विभाग के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने बताया कि हाईवे के साथ बिझौली रुड़की में लगभग 700 मीटर लंबाई एवं 20 से 24 मीटर चौड़ाई में प्लाटिंग की जा रही है और 60 फीट चौड़ाई की रोड बन रही है। सिंचाई विभाग रुड़की के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता ने जून माह में ही सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा किए जाने के विरुद्ध कार्रवाई के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को लिखित में पत्र दे दिया था।
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जांच में यह बात भी सामने आई कि पीडब्ल्यूडी का एक जेई कालोनाइजरों से मिला हुआ है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के बंदोबस्त में नाला व जमीन सिंचाई विभाग के नाम है। एक बार जिलेदार कुलदीप रावत ने काम रुकवाया भी था, लेकिन फिर शुरू हो चुका है। उप राजस्व अधिकारी ने बताया कि प्रकरण को मुख्यालय व शासन के संज्ञान में लाया जा रहा है। उन्होंने बताया नाले के हैड पर एक किमी तक सड़क बनने से नहर नहीं बन पाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा से वंचित रहना पड़ेेगा।
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