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इंजीनियरों की हड़ताल से मेला कार्य प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:18 PM IST
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हरिद्वार। डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल से अर्द्धकुंभ मेला कार्य प्रभावित होने लगे हैं। कार्यस्थलों पर जेई और एई न होने से कार्यों की गुणवत्ता और इनके समय से पूरा होने पर सवाल उठने लगे हैं। इसको लेकर मेलाधिष्ठान के अधिकारी भी परेशान हैं।
परेशान मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने प्रांतीय खंड लोनिवि के प्रमुख अभियंता/विभागाध्यक्ष (एचओडी) को अर्द्धकुंभ कार्यों की गुणवत्ता और समय से कार्य पूर्ण कराने को जेई और एई की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पत्र भेजा है। लोनिवि के अधिकारी अब मानने लगे हैं कि इंजीनियरों की हड़ताल के कारण मेला कार्यों की प्रगति प्रभावित होने लगी है। पुलों के साथ सड़क का निर्माण और सीमेंट-कंक्रीट के कार्यों को गुणवत्तापूर्वक देखने वाला साइड पर इस समय कोई नहीं हैं। मुख्य सड़कों पर इंटरलाकिंग (टाइल्स) का कार्य भी बिना जेई, एई के किया जा रहा है। 30 नवंबर तक चले कार्यबहिष्कार और एक दिसंबर से पूर्ण हड़ताल ने मेला प्रशासन के साथ विभाग के आला अधिकारियों की भी नींद उड़ी हुई है। विभाग ने मान लिया है कि ललतारौ बिरलाघाट का पुल 31 दिसंबर तक नहीं बन पाएगा।
इनसेट
पुल तैयार नहीं हुआ तो मेलाधिष्ठान पर उठेंगे सवाल
हाईवे को शहर से जोड़ने वाला ललतारौ-बिरलाघाट पर गंगनहर पर निर्माणाधीन स्टील पुल यदि 31 दिसंबर तक तैयार नहीं होता तो इसको लेकर मेलाधिष्ठान के निर्णय पर गंभीर सवाल उठेंगे। गौरतलब है कि निर्माणाधीन पुल का पहला डिजायन और इस्टीमेट लगभग 13 करोड़ रुपये का था। लेकिन इस डिजायन और इस्टीमेट में कोई कंपनी 31 दिसंबर तक पुल बनाने को तैयार नहीं थी। इसके बाद जो कंपनी अभी पुल बना रही है उसकी शर्त के मुताबिक पुल का डिजायन और इस्टीमेट बदल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग और मेलाधिष्ठान नए डिजायन के साथ 13 करोड़ का पुल 16 करोड़ में बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। लेकिन यदि पुल 31 दिसंबर तक चालू नहीं होता तो निश्चित रूप से सवाल खड़े होंगे।
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कोट
डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल से अर्द्धकुंभ मेला कार्यों की प्रगति प्रभावित होने लगी है। हमारे पास केवल दो संविदा जेई हैं। ललतारौ पुल निर्माण की प्रगति धीमी है। पुलों की एप्रोच रोड भी बनाई जानी है। ललतारौ पुल पर संविदा जेई को नियुक्त किया गया है। ज्वालापुर में लालपुल समय से पूर्व तैयार होने जा रहा है। उसको आर-पार जोड़ दिया गया है। स्लैब डालना बाकी है। इसी प्रकार खड़खड़ी हिल बाईपास विस्तार का काम भी हो जाएगा। मेला मेलाधिकारी ने एचओडी को मेला कार्य कराने के लिए जेई, एई की वैकल्पिक व्यवस्था करने को पत्र भेजा है।
मुहम्मद युसुफ, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।
इनसेट
फोटो
हड़ताल में एई को काम करने की नहीं दी अनुमति
हरिद्वार। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। इस बीच लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरपी नैथानी ने महासंघ को पत्र लिखकर अर्द्धकुंभ मेला कार्यों के दृष्टिगत हड़ताल में भाग लेने से छूट देने का अनुरोध किया था। लेकिन महासंघ के जिलाध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। पांचवें दिन भी हड़ताली डिप्लोमा इंजीनियरों ने लोनिवि परिसर में धरना दिया। उन्होंने समस्या का समाधान नहीं करने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कहा कि हड़ताल से अर्द्धकुंभ जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने के बाद भी प्रदेश सरकार समस्या का समाधान नहीं निकाल रही है। धरना स्थल पर अविनाश कुमार सैनी, धर्मेंद्र कुमार, दीपक सैनी आदि ने विचार रखे।
इनसेट
हड़ताल की असर सिंचाई विभाग पर भी
हरिद्वार। डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल का असर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे अर्द्धकुंभ मेला कार्यों पर भी पड़ रहा है। विभाग के 13 जेई और एई हड़ताल पर हैं। अधिशासी अभियंता डीएस कछवाहा ने बताया कि उच्च अधिकारियों को कार्य प्रभावित होने से अवगत करा दिया है और शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री की बैठक में भी अधीक्षण अभियंता द्वारा हड़ताल से कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल एक दो दिन और खींचती है तो कुछ और एई भी हड़ताल पर जा सकते हैं।
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परेशान मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने प्रांतीय खंड लोनिवि के प्रमुख अभियंता/विभागाध्यक्ष (एचओडी) को अर्द्धकुंभ कार्यों की गुणवत्ता और समय से कार्य पूर्ण कराने को जेई और एई की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पत्र भेजा है। लोनिवि के अधिकारी अब मानने लगे हैं कि इंजीनियरों की हड़ताल के कारण मेला कार्यों की प्रगति प्रभावित होने लगी है। पुलों के साथ सड़क का निर्माण और सीमेंट-कंक्रीट के कार्यों को गुणवत्तापूर्वक देखने वाला साइड पर इस समय कोई नहीं हैं। मुख्य सड़कों पर इंटरलाकिंग (टाइल्स) का कार्य भी बिना जेई, एई के किया जा रहा है। 30 नवंबर तक चले कार्यबहिष्कार और एक दिसंबर से पूर्ण हड़ताल ने मेला प्रशासन के साथ विभाग के आला अधिकारियों की भी नींद उड़ी हुई है। विभाग ने मान लिया है कि ललतारौ बिरलाघाट का पुल 31 दिसंबर तक नहीं बन पाएगा।
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पुल तैयार नहीं हुआ तो मेलाधिष्ठान पर उठेंगे सवाल
हाईवे को शहर से जोड़ने वाला ललतारौ-बिरलाघाट पर गंगनहर पर निर्माणाधीन स्टील पुल यदि 31 दिसंबर तक तैयार नहीं होता तो इसको लेकर मेलाधिष्ठान के निर्णय पर गंभीर सवाल उठेंगे। गौरतलब है कि निर्माणाधीन पुल का पहला डिजायन और इस्टीमेट लगभग 13 करोड़ रुपये का था। लेकिन इस डिजायन और इस्टीमेट में कोई कंपनी 31 दिसंबर तक पुल बनाने को तैयार नहीं थी। इसके बाद जो कंपनी अभी पुल बना रही है उसकी शर्त के मुताबिक पुल का डिजायन और इस्टीमेट बदल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग और मेलाधिष्ठान नए डिजायन के साथ 13 करोड़ का पुल 16 करोड़ में बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। लेकिन यदि पुल 31 दिसंबर तक चालू नहीं होता तो निश्चित रूप से सवाल खड़े होंगे।
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डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल से अर्द्धकुंभ मेला कार्यों की प्रगति प्रभावित होने लगी है। हमारे पास केवल दो संविदा जेई हैं। ललतारौ पुल निर्माण की प्रगति धीमी है। पुलों की एप्रोच रोड भी बनाई जानी है। ललतारौ पुल पर संविदा जेई को नियुक्त किया गया है। ज्वालापुर में लालपुल समय से पूर्व तैयार होने जा रहा है। उसको आर-पार जोड़ दिया गया है। स्लैब डालना बाकी है। इसी प्रकार खड़खड़ी हिल बाईपास विस्तार का काम भी हो जाएगा। मेला मेलाधिकारी ने एचओडी को मेला कार्य कराने के लिए जेई, एई की वैकल्पिक व्यवस्था करने को पत्र भेजा है।
मुहम्मद युसुफ, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।
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हड़ताल में एई को काम करने की नहीं दी अनुमति
हरिद्वार। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। इस बीच लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आरपी नैथानी ने महासंघ को पत्र लिखकर अर्द्धकुंभ मेला कार्यों के दृष्टिगत हड़ताल में भाग लेने से छूट देने का अनुरोध किया था। लेकिन महासंघ के जिलाध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। पांचवें दिन भी हड़ताली डिप्लोमा इंजीनियरों ने लोनिवि परिसर में धरना दिया। उन्होंने समस्या का समाधान नहीं करने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कहा कि हड़ताल से अर्द्धकुंभ जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने के बाद भी प्रदेश सरकार समस्या का समाधान नहीं निकाल रही है। धरना स्थल पर अविनाश कुमार सैनी, धर्मेंद्र कुमार, दीपक सैनी आदि ने विचार रखे।
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हड़ताल की असर सिंचाई विभाग पर भी
हरिद्वार। डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल का असर सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे अर्द्धकुंभ मेला कार्यों पर भी पड़ रहा है। विभाग के 13 जेई और एई हड़ताल पर हैं। अधिशासी अभियंता डीएस कछवाहा ने बताया कि उच्च अधिकारियों को कार्य प्रभावित होने से अवगत करा दिया है और शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री की बैठक में भी अधीक्षण अभियंता द्वारा हड़ताल से कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल एक दो दिन और खींचती है तो कुछ और एई भी हड़ताल पर जा सकते हैं।