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धरना दे रहे कर्मचारियों पर भांजी लाठी

Fri, 20 May 2016 12:14 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Fri, 20 May 2016 12:14 AM IST
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Employees are picketing niece sticks
श्रमिकों पर भांजी लाठियां - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। सिडकुल की हैवल्स कंपनी में दो महिला अस्थायी कर्मचारियों के ट्रांसफार्मर का विरोध कर रहे अन्य कर्मचारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करके कंपनी परिसर से बाहर किया। गुस्साये अस्थाई कर्मचारियों ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। एहतियात के तौर पर कंपनी कैंपस में तीन प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गई है।   

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बुधवार देर रात दो महिला अस्थाई कर्मचारियों का ट्रांसफर लेबर कांट्रेक्टर द्वारा करने पर हंगामा हुआ था। तब पुलिस के पहुंचने हंगामा कर रहे कर्मचारी वहां से निकल गए। बृहस्पतिवार सुबह ट्रांसफर कर दी गई दो अस्थायी कर्मचारी गेट पर पहुंच गई। सुबह की शिफ्ट में आने वाले अस्थायी कर्मचारी भी उनके समर्थन में उतर आए। इन कर्मचारियों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। कंपनी परिसर में धरने की सूचना पर सीओ सदर राजीव मोहन, एसओ सिडकुल रमेश तनवार, कोर्ट चौकी प्रभारी दीपक कठैत मय फोर्स पहुंच गए। सीओ ने कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के कंपनी की चाहरदीवारी से पचास मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन नहीं करने का हवाला दिया। एसआई दीपक कठैत जब कर्मचारियों को बाहर ले जाने लगे।  कुछ कर्मचारियों ने एसआई से धक्का मुक्की कर दी। पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठी भांजकर वहां से भगाया। लाठीचार्ज होते ही वहां भगदड़ मच गई। कंपनी से निकलकर बडी संख्या में कर्मचारियों ने रोशनाबाद जिला मुख्यालय पर सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपना पक्ष रखा। सीओ राजीव मोहन ने बताया कि  पुलिसकर्मी से धक्का मुक्की करने पर कर्मचारियों को खदेड़ा गया, कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायलय के आदेश का पालन करा रहे हैं, कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। कर्मचारियों को यदि कोई शिकायत है तो वे प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने को स्वतंत्र हैं।
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यूं हुई बगावत की शुरुआत
हरिद्वार। अब तक हैवल्स में सब कुछ ठीक  ठाक चला आ रहा था, लेकिन लंबे समय तक जमे रहे एक अधिकारी को प्रबंधन ने हटा दिया था। उस अधिकारी के चहेते ही इस पूरे खेल के पीछे शामिल बताए जा रहे हैं। वे सब ठेकेदारी प्रथा के तहत यहां कार्य कर रहे थे। खुद सीओ सदर राजीव  मोहन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वेस्ट यूपी से ताल्लुक रखने वाले ही ये सभी लोग हैं।
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ये सभी कर्मचारी ठेका प्रथा के तहत कार्य करते है। पिछले दिनों कुछ कर्मचारियों को ठेकेदार ने हटाया था वे ही कर्मचारियों को भड़का रहे हैं। जिन दो महिला कर्मचारियों को ट्रांसफर किया है वो भी ठेकेदार के अधीन थी। कंपनी प्रबंधन का इन कर्मचारियों से सीधे कोई लेना देना नहीं है।  आज ये कर्मचारी काम पर आने वाले कर्मचारियों को भी जबरन रोक रहे थे और परिसर में ही धरने पर बैठ गए थे। ये उच्च न्यायलय का सीधे सीधे उल्लंघन है। इसलिए पुलिस को सूचना देनी पड़ी। कंपनी में शांति बनी रहे और कर्मचारी आराम से कार्य करते रहे इसलिए हर कर्मचारी से बातचीत की जा रही है।
- संजीव पाराशर, एचआर हेड, हैवल्स। 

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